डॉ मनोज शिरुरे (सोर्स: डिजाइन फोटो) 
लातूर

CBI जांच ने लिया नया मोड़, मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद, अब पेपर खरीदने वाले अभिभावकों पर भी शिकंजा

CBI ने लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे को गिरफ्तार किया। NEET Paper Leak मामले में किसी अभिभावक की यह पहली गिरफ्तारी है। जानें कैसे CBI का शिकंजा अब खरीददार अभिभावकों तक पहुंच गया है।

गोरक्ष पोफली

CBI Investigation NEET: नीट 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरुरे को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी इस मामले में एक नया मोड़ लेकर आई है, क्योंकि जांच एजेंसी अब न केवल पेपर लीक करने वाले गिरोह बल्कि इसे खरीदने वाले लाभार्थियों तक भी पहुंच रही है।

किसी अभिभावक की पहली गिरफ्तारी

इस पूरे प्रकरण में डॉ. शिरुरे की गिरफ्तारी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NEET Paper Leak मामले में यह पहली बार है जब सीबीआई ने किसी छात्र के अभिभावक को गिरफ्तार किया है। अब तक की गिरफ्तारियां उन लोगों की हुई थीं जिन्होंने या तो पेपर लीक किया था या उसे बाजार में बेचा था। डॉ. शिरुरे पर संदेह है कि उन्होंने अपने बच्चे के लिए गैर-कानूनी तरीके से लीक हुआ प्रश्नपत्र खरीदा था। इस गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जांच का दायरा अब उन माता-पिता तक भी फैल गया है जिन्होंने अपने बच्चों के लिए गलत रास्ते चुने।

सघन पूछताछ और साक्ष्यों की जब्ती

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने डॉ. शिरुरे को पुणे स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों की कड़ी पूछताछ के बाद, उनके बयानों में विसंगतियां पाए जाने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले, सीबीआई की एक टीम ने लातूर में उनके आवास और सिद्धिविनायक बाल अस्पताल पर छापेमारी की थी। जुना औसा रोड स्थित इस अस्पताल में डॉ. शिरुरे से लगभग साढ़े चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनका मोबाइल फोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए थे।

गहराता जाल और पुराना कनेक्शन

सीबीआई की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि डॉ. शिरुरे पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक करने वाले नेटवर्क के संपर्क में थे। उनके संबंधों की कड़ियां इस मामले के मुख्य आरोपियों, जैसे RCC कोचिंग क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर और सेवानिवृत्त प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी से जुड़ी हुई पाई गई हैं। जांच अधिकारियों को संदेह है कि वह काफी समय से इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं।

अब तक की गिरफ्तारियां

महाराष्ट्र में इस मामले में अब तक कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • शिवराज मोटेगावकर
  • पी. वी. कुलकर्णी
  • मनीषा गुरुनाथ मांढरे
  • मनीषा वाघमारे
  • धनंजय लोखंडे
  • शुभम खैरनार

आगे की जांच

डॉ. शिरुरे की गिरफ्तारी के बाद अब लातूर और आसपास के इलाकों के कई अन्य छात्र, अभिभावक और कोचिंग संस्थानों के संचालक सीबीआई की रडार पर हैं। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह धोखाधड़ी कितने बड़े स्तर पर फैली हुई है। इस कार्रवाई ने उन अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो अपने बच्चों के करियर के लिए अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं।

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