Communal Attack On Hafeezpet Railway Station: महाराष्ट्र के लातूर जा रहे एक व्यक्ति के साथ ट्रेन में हुई मारपीट की घटना ने सांप्रदायिक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को जन्म दे दिया है। हाफिज मोहम्मद इमरान नामक यात्री का आरोप है कि मनमाड-काकीनाडा-शिरडी एक्सप्रेस में सवार करीब 20 लोगों की भीड़ ने केवल उनकी धार्मिक पहचान दाढ़ी और टोपी के कारण उन्हें बेरहमी से निशाना बनाया। यह घटना 11 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है।
सार्वजनिक परिवहन में हुई इस हिंसक घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाफिज इमरान के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन हैदराबाद के हफिजपेट रेलवे स्टेशन पर रुकी हुई थी। ट्रेन के डिब्बे में कुछ यात्रियों के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट चल रही थी। इमरान ने बताया कि वह केवल मानवीय आधार पर बीच-बचाव करने और झगड़े की वजह जानने के लिए आगे बढ़े थे। लेकिन स्थिति तब पलट गई जब भीड़ ने उन्हें देखते ही उन पर हमला कर दिया। इमरान का स्पष्ट आरोप है कि उनकी वेशभूषा (दाढ़ी और टोपी) को देखकर भीड़ अचानक हिंसक हो गई।
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इमरान ने अधिकारियों को दिए अपने बयान में कहा, "मुझे जबरन उठाकर मारा गया और मेरे साथ आए दोस्त को भी नहीं बख्शा गया।"
सामूहिक हमला: पीड़ित का दावा है कि हमलावरों का समूह लगभग 20 लोगों का था।
पहचान का दावा: इमरान ने यह भी कहा है कि वह हमलावरों के चेहरों को पहचान सकते हैं और यदि पुलिस यात्रियों से गंभीरता से पूछताछ करे, तो दोषियों को आसानी से पकड़ा जा सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: घटना के सामने आते ही AIMIM पार्टी ने इस पर कड़ा विरोध जताया है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल रेलवे पुलिस (GRP) और आरपीएफ मामले की तहकीकात कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे स्टेशन के CCTV फुटेज और ट्रेन के अन्य यात्रियों के बयानों की जांच कर रहे हैं ताकि घटना की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और धार्मिक आधार पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्रेन के भीतर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी और यात्रियों के बीच बढ़ती असहनशीलता को लेकर भी अब बहस छिड़ गई है।