Ghatkopar Police Colony: 57 साल पुरानी रेलवे पुलिस कॉलोनी जर्जर, समाधान की मांग तेज

Ghatkopar East की 1968 में बनी रेलवे पुलिस कॉलोनी गंभीर रूप से जर्जर हो चुकी है। पुलिसकर्मियों के परिवारों ने विधायक पराग शाह से मिलकर यहीं नए आवास देने की मांग की है।
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नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Railway Police Housing Mumbai: घाटकोपर पूर्व में 35 एकड़ जमीन पर 1968 में बनी पुरानी रेलवे पुलिस कॉलोनी की स्थिति। दयनीय हो गई है।

इसके जर्जर हालात में लोग रहने को मजबूर हैं। यहां रहने वाले पुलिस कर्मियों की पत्नियों ने स्थानीय विधायक पराग शाह से मिल कर अपनी आपबीती सुनाई।

वर्ली, नायगांव में पुलिसकर्मियों को दिए गए आवास की तरह इसी जगह घर दिए जाने की मांग की। इसको लेकर 'नवभारत' ने आवाज भी उठाई थी। चुनाव खत्म होने के बाद पीड़ितों ने शाह से मिलकर समाधान करने की मांग की है, जिसको लेकर शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिल कर समाधान करने का आश्वासन दिया है। बता दें कि मई 2024 में मनपा ने 17 इमारतों को नोटिस भेज कर जर्जर बताया।

हमारी कॉलोनी जर्जर हो चुकी है।हमने कई बार सरकार और प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस पर जल्द निर्णय लें। आज हमने स्थानीय विधायक पराग शाह को पत्र दिया है। - सुशील वी। जंगम, संगठक मुंबई, महाराष्ट्र पुलिस बॉयज एसोसिएशन।

यहीं पर उपलब्ध कराएं घर

इस जगह पर 24 इमारतें हैं, जिसमें से 7 इमारतों को तोड़ा गया। इसके रहिवासियों को अस्थायी तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया, 1968 में 1 नम्बर से 7 तक इमारत बनी थी, जिसे अब तोड़ दिया गया, जबकि 1984 में 8 नंम्बर से 24 नम्बर की इमारत बनाई गई जो कि पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं।

जिसको लेकर पुलिसकर्मियों की पत्नियों और महाराष्ट्र पुलिस बॉयज संगठन ने कई बार आवाज उठाई है। सरकार से लिखित में मांग भी की लेकिन इसका कोई भी स्थाई समाधान नहीं निकल सका है। पुलिस में कार्यरत कर्मचारी मांग कर रहे है कि वीं, नायगांव में पुलिसकर्मियों को दिए गए आवास की तरह इसी जगह घर दिया जाए।

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