CM Devendra Fadnavis Visit Drought Affected Areas: महाराष्ट्र में इस साल मानसूनी बारिश की भारी कमी के चलते राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। खरीफ फसलों के बड़े पैमाने पर बर्बाद होने से किसानों की कमर टूट चुकी है। इस गंभीर संकट के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद कमान संभाल ली है। परिस्थितियों की जमीनी हकीकत जानने और प्रभावित किसानों का दर्द साझा करने के लिए मुख्यमंत्री बुधवार से राज्य के सूखाग्रस्त जिलों के दौरे पर निकल चुके हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार सुबह लातूर पहुंचे। लातूर एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके तुरंत बाद वे सीधे निलंगा तालुका के जाऊ गांव के लिए रवाना हो गए। जाऊ गांव और उसके आसपास के इलाकों में कम बारिश के कारण फसलें पूरी तरह सूख चुकी हैं।
सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री के इस दौरे में उनके साथ सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, लातूर के प्रभारी मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले और धाराशिव के प्रभारी मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद हैं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रहकर जमीनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
महाराष्ट्र में खरीफ की फसलें प्रभावित होने के बाद मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में सूखे की गंभीर स्थिति पर व्यापक मंथन हुआ। सरकार ने प्रभावित किसानों की मदद के लिए राहत पैकेज की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना राज्य सरकार अपने स्तर पर सहायता राशि प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे स्वयं अमरावती और अकोला संभाग का दौरा करेंगे, मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार तक सूखे से संबंधित प्राथमिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
सूखे से निपटने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय मंत्रिमंडल उपसमिति का गठन किया गया है। उपसमिति में जलसंपदा, कृष्णि ग्रामीण विकास, सहकार, पशुपालन औ अन्य विभागों के मंत्री शामिल है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल इसके सदस्य सचिव होंगे, समिति को राहत व जरूरी उपायों पर तेजी से निर्णय लेने के अधिकार दिए गए है।
महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार से फसल नुकसान के पंचनामे शुरू होंगे। सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलों को नुकसान की जानकारी सामने आई है। कोकण में धान की खेती भी प्रभावित हुई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि तालुका स्तर पर पंचनामे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचनामे पूरे होते ही किसानों को तेजी से मदद दी जाएगी।
सीएम फडणवीस ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार की मदद का इंतजार नहीं करेगी। एनडीआरएफ के मानकों के अनुसार केंद्र को भी सहायता का प्रस्ताव भेजा जाएगा, पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अगले सात से आठ महीनों की जरूरत को देखते हुए योजना बनाई जाएगी।