रोहित पवार ने 10 नवंबर को घेराव का ऐलान किया।
500 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली सहकारी संस्थाओं में 5 सदस्य नामित करने पर घमासान।
रोहित पवार ने इसे जनादेश की चोरी और डेयरी पर कब्जा करने की साजिश बताया।
गोकुल दूध संघ अध्यक्ष के लिए 10 नवंबर को चुनाव होगा।
Rohit Pawar On Gokul Dudh Sangh Chairman Election: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर सहकारी संस्थाओं पर नियंत्रण को लेकर बड़ा घमासान शुरू हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से एक अपील की है। उन्होंने 10 नवंबर को कोल्हापुर की प्रसिद्ध गोकुल दूध संघ के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान वहां पहुंचकर घेराव करने का आह्वान किया है। यह अपील डेयरी के चुनाव में सरकार द्वारा निदेशक मंडल में पांच सदस्यों को नामित करने के फैसले और उसके बाद उपजे भारी विवाद के बीच सामने आई है।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आक्रामक रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की ओर से नामित सदस्यों की नियुक्ति का यह कदम सीधे तौर पर गोकुल डेयरी पर पीछे के दरवाजे से नियंत्रण हासिल करने की एक सोची-समझी कोशिश है।
रोहित पवार ने कहा कि इस सहकारी संस्था के चुनाव में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल समर्थित पैनल को 5.5 लाख से अधिक मतदाताओं का भारी-भरकम समर्थन मिला था, ऐसे में जनता के जनादेश को दरकिनार करना तानाशाही रवैया है। इस सहकारी संस्था के अध्यक्ष पद का चुनाव 10 नवंबर को होना है।
विवाद की मुख्य जड़ महाराष्ट्र कैबिनेट का वह फैसला है, जिसके तहत उन सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में सरकार पांच सदस्य नामित करेगी जिनका सालाना टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से अधिक है। खास बात यह है कि इनमें से चार सदस्यों को निदेशक मंडल में मतदान का भी अधिकार होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला गोकुल दूध संघ के बोर्ड में सत्ता के समीकरण को पूरी तरह बदल सकता है।
कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ, जिसे लोकप्रिय रूप से 'गोकुल' कहा जाता है, के हालिया चुनावों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल समर्थित राजर्षि शाहू शेतकरी समाविचारी आघाडी ने 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं।
हालांकि, आवश्यक कोरम यानी 14 निदेशकों की न्यूनतम उपस्थिति पूरी न हो पाने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव अब तक टलता रहा है। अब यह आगामी 10 नवंबर को तय किया गया है।
रोहित पवार ने अपने बयान में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि 5.5 लाख मतदाताओं के जनादेश को कुचलकर गोकुल पर कब्जा करने की यह जिद केवल 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' का परिणाम है। उन्होंने अपील की है कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिक 10 नवंबर को चुनाव के दिन गोकुल डेयरी के बाहर इकट्ठा हों, ताकि जनता की ताकत की गूंज मुंबई से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे।
इस बीच, रोहित पवार ने सतेज पाटिल और गोकुल के आम सदस्यों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा महाराष्ट्र इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ खड़ा है। भाजपा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन लोगों के आहत अहंकार का नतीजा है जो चुनाव परिणामों के दिन कोल्हापुर में अपनी जीत का जश्न नहीं मना पाए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अब इस तरह के प्रशासनिक फैसलों और नामित सदस्यों के जरिए जनता के जनादेश में हेरफेर करने का प्रयास करेगी। इस पूरी प्रक्रिया ने राज्य के सहकारिता क्षेत्र में सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है।