Madhuri Elephant Kolhapur Returns From Vantara: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में स्थित नांदणी जैन मठ में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। लगभग 13 महीने के लंबे इंतजार, कानूनी लड़ाई और जन-आंदोलन के बाद आखिरकार कोल्हापुरवासियों की प्रिय माधुरी हथिनी अपने घर वापस लौट आई है। माधुरी हथिनी को महादेवी के नाम से भी जाना जाता है। गुजरात के जामनगर स्थित प्रसिद्ध वनतारा एनिमल रेस्क्यू सेंटर से जब माधुरी का ट्रक नांदणी गांव की सीमा में दाखिल हुआ, तो पूरा इलाका ढोल-नगाड़ों, बैंजो संगीत, पटाखों और जयकारों से गूंज उठा।
11 सितंबर को जैसे ही वनतारा के ट्रक में सवार होकर माधुरी कोल्हापुर के नांदणी गांव पहुंची, वहां लोगों को सैलाब आ गया। माधुरी का स्वागत करने के लिए सैकड़ों लाेग सड़कों पर उतर आए। रास्ते भर फूलों, ढोल-नगाड़ों, जश्न और खुशी के आंसुओं के साथ उसका स्वागत किया।
माधुरी की कहानी बेहद संघर्षपूर्ण रही है। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशों के तहत गठित एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) के निर्देश पर 28 जुलाई 2025 को माधुरी को स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर वातावरण का हवाला देकर जामनगर के वनतारा सेंटर भेज दिया गया था।
उस समय इस फैसले का स्थानीय लोगों, मठ प्रशासन और पशु प्रेमियों ने कड़ा विरोध किया था। इसके बाद हथिनी की रहने की जगह, उसकी देखभाल और जनभावनाओं को लेकर एक लंबी कानूनी लड़ाई चली।
स्थानीय लोगों और नेताओं के लगातार प्रयासों के बाद, हाई-पावर्ड कमेटी ने नांदणी मठ में माधुरी के रहने के स्थान और सुविधाओं का दोबारा निरीक्षण किया। कमेटी जब संतुष्ट हो गई कि मठ प्रशासन हथिनी की देखभाल के लिए सभी मानक पूरे कर रहा है, तब 9 सितंबर 2026 को उसकी कोल्हापुर वापसी को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई।
जैन मठ के ट्रस्टी और मैनेजर सागर सांबुशेटे ने कहा कि माधुरी को घर लाने के लिए चार लोगों की एक टीम वनतारा गई थी। उन्होंने कहा कि हमारे महावत को उसके खाने-पीने, रोजाना की कसरत और दवाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। फिलहाल, माधुरी नांदणी मठ परिसर में पानी की टंकी वाले एक नए बने शेड में रहेगी।
जैन मठ के ट्रस्टी के मुताबिक अपनी जानी-पहचानी जगह से एक साल से ज्यादा समय तक दूर रहने के कारण माधुरी को नए माहौल में ढलने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि चूंकि माधुरी अब इंसानों के साथ उस तरह लगातार संपर्क में नहीं रही है जैसे पहले हुआ करती थी, इसलिए वह कुछ समय तक प्राकृतिक माहौल में अपनी नई जगह पर आराम करेगी।
माधुरी हथिनी को महावत के साथ फिर से घुलने-मिलने और लोगों से मिलने के लिए तैयार होने से पहले एक सोशलाइजेशन के दौर से गुजरना होगा। वनतारा ने भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर वे नांदणी मठ को गाइड करते रहेंगे और मदद भी देंगे।