गन्ने के लिए ₹4,500 प्रति टन भाव की मांग पर किसानों का आंदोलन उग्र।
किनी टोल नाके के पास 33 घंटे से पुणे-बेंगलुरु महामार्ग पर यातायात ठप।
राजू शेट्टी की चेतावनी, मुंबई-पुणे में सब्जियों और दूध की आपूर्ति रोकेंगे।
Maharashtra Sugarcane Price Protest: महाराष्ट्र में गन्ने के उचित मूल्य की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। स्वाभिमानी किसान संगठन के अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में किसानों ने पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय महामार्ग पर किनी टोल नाके के पास रास्ता रोक दिया है।
गन्ने का भाव 4,500 रुपये प्रति टन निर्धारित करने की मांग को लेकर जारी इस आंदोलन के कारण महामार्ग पर पिछले 33 घंटे से यातायात प्रभावित है। किसानों के प्रदर्शन से लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है।
स्वाभिमानी किसान संगठन ने गन्ने के लिए 4,500 रुपये प्रति टन कीमत देने की मांग उठाई है। इसी मांग को लेकर किसानों ने महामार्ग पर प्रदर्शन शुरू किया और वाहनों की आवाजाही रोक दी। संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। मांग पूरी नहीं होने के कारण आंदोलन को तेज किया गया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजू शेट्टी ने चीनी मिल मालिकों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, 'तुमने हमारी दिवाली बिगाड़ी, अब हम तुम्हारी भी दीपावली त्योहार नहीं होने देंगे।' शेट्टी ने संकेत दिया कि यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
महामार्ग पर लगातार जारी प्रदर्शन के कारण किनी टोल नाके के पास भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ट्रक और अन्य बड़े वाहन लंबे समय से फंसे हुए हैं। पुलिस ने छोटे वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है, लेकिन भारी वाहनों की समस्या बनी हुई है। इससे माल परिवहन भी प्रभावित हो रहा है।
राजू शेट्टी ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के संकेत देते हुए मुंबई और पुणे जैसे शहरों में सब्जियों तथा दूध की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी है। यदि ऐसा होता है तो शहरी क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल किसान संगठन और चीनी मिल मालिकों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब देखना होगा कि गन्ने के भाव को लेकर कोई सहमति बनती है या किसानों का आंदोलन और तेज होता है।