Manmad Water Supply Relief In Nashik: नासिक जिले के मनमाड शहर सहित कई गांवों तक जलापूर्ति पहुँचाने वाला करंजवन बांध 90 प्रतिशत तक भर गया है। दिंडोरी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कादवा नदी उफान पर है, जिससे बांध में पानी की आवक तेजी से जारी है।
वर्तमान में बांध से 19 हजार क्यूसेक की गति से पानी छोड़ा जा रहा है। करंजवन बांध में पर्याप्त जल भंडारण होने से मनमाड शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए पेयजल तथा सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए सिंचाई की समस्या हल हो गई है। विधायक सुहास कांदे के प्रयासों से मनमाड के लिए स्वीकृत 400 करोड़ रुपये की पेयजल योजना इसी बांध पर निर्भर है।
विगत 4 दशकों से मनमाड भीषण जल संकट से जूझ रहा था। पहले शहर की जलापूर्ति पालखेड बांध पर निर्भर थी, जहां से वर्ष में केवल 6 बार पानी का आवर्तन मिलता था। समय पर पानी न मिलने से नागरिकों को महीने में केवल एक या दो बार ही पानी मिल पाता था। पानी की किल्लत के कारण उद्योग-धंधे ठप्प हो गए थे और लगभग 10 हजार लोग शहर छोड़कर चले गए थे।
वर्ष 2019 में विधायक बनने के बाद सुहास कांदे ने 89 किलोमीटर दूर करंजवन बांध से मनमाड तक पाइपलाइन बिछाने की 400 करोड़ रुपये की योजना तैयार कराई। एकनाथ शिंदे ने विशेष प्रावधान करते हुए नगर परिषद के हिस्से की 15% लोक-अंशदान राशि भी शासन से मंजूर कराई। ठेकेदार द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य पूरा किए जाने के बाद अब शहर को हर तीसरे दिन पानी मिल रहा है। करंजवन बांध के 90 प्रतिशत भरने से नागरिकों में भारी उत्साह है और शहर के अवरुद्ध विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
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विधायक सुहास कांदे ने कहा कि करंजवन बांध को 90 प्रतिशत भरा देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। जल्द ही यह शत-प्रतिशत भर जाएगा। इससे मनमाड शहर की पानी की समस्या पर हमेशा के लिए विराम लग गया है तथा जल संकट के कारण रुका हुआ विकास कार्य फिर से गति पकड़ेगा। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में मनमाड का चौमुखी विकास होगा।