स्कूल के बाहर जंक फूड का स्टॉल (सोर्स: AI) 
महाराष्ट्र

नासिक में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, स्कूलों के बाहर जंक फूड स्टॉलों की भरमार, FDA के आदेश बेअसर

Junk Food: एफडीए की रोक के बावजूद नासिक में स्कूलों के बाहर जंक फूड की खुलेआम बिक्री जारी है। छात्रों की भीड़ उमड़ रही है, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

आलोक उमाकृष्ण

Junk Food Near School: नासिक में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद नासिक शहर में इस आदेश का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है।

शहर के कई प्रमुख इलाकों में स्कूलों के बाहर खुलेआम जंक फूड की दुकानें और फेरी वाले संचालित हो रहे हैं। शालिमार, सीबीएस, पंचवटी, सातपुर, सिडको, रविवार कारंजा, अशोक स्तंभ और पुराने नासिक जैसे व्यस्त क्षेत्रों में स्कूलों के प्रवेश द्वार के पास ही चाइनीज फास्ट फूड, पिज्जा, बर्गर, मोमोज, फ्रेंच फ्राइज और अन्य जंक फूड की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।

जंक फूड खाने के लिए छात्रों की भीड़

शालिमार स्थित प्रसिद्ध सारडा कन्या विद्यालय के मुख्य द्वार के पास रोजाना कई जंक फूड स्टॉल लगाए जाते हैं। स्कूल की छुट्टी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं इन स्टॉलों पर पहुंचती हैं और चाइनीज व अन्य फास्ट फूड का सेवन करती हैं। कई जगहों पर खाद्य सामग्री खुले में और अस्वच्छ वातावरण में तैयार की जाती है, जिससे संक्रमण और खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इसी तरह कॉलेज रोड, जिसे शहर का प्रमुख जंक फूड हब माना जाता है, वहां भी स्कूलों और कॉलेजों के बाहर विद्यार्थियों की भारी भीड़ जंक फूड स्टॉलों पर देखी जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से जंक फूड खाने से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, पाचन संबंधी समस्याएं और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

नियमों के पालन पर उठ रहे सवाल

एफडीए के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री जारी रहने से नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के आसपास नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध जंक फूड स्टॉलों को हटाया जाए और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्कूली छात्रों का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह एफडीए के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर स्कूल परिसरों के आसपास सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य वातावरण उपलब्ध कराए।

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