प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो) 
जालना

Cylinder Blast: जालना के मंठा चौफुली में भीषण आग का तांडव; सिलेंडर फटने से 10 दुकानें खाक, लाखों का नुकसान

Cylinder Blast: जालना के मंठा चौफुली क्षेत्र में भीषण आग लगने से 8-10 दुकानें जलकर राख हो गईं। गैस सिलेंडर विस्फोट से आग तेजी से फैली, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लाखों का नुकसान हुआ।

केतकी मोडक

Cylinder Blast In Jalna: जालना शहर के व्यस्त मंठा चौफुली क्षेत्र में रविवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को दहला दिया। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया व देखते ही देखते 8 से 10 दुकानें जलकर कोयला हो गईं। होटल में रखा गैस सिलेंडर फटने से आग तेजी से फैलने के साथ ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है व संबंधित विभागों ने जांच शुरू की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के तुरंत बाद लपटें तेजी से दुकानों तक फैल गई। दुकानों में मौजूद ज्वलनशील सामग्री व सिलेंडर विस्फोट के चलते आग पर काबू पाना बेहद कठिन हो गया था।

हादसे में दुकानों का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इस बीच, घटना की जानकारी मिलने के बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं व आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार प्रयासों के बाद आग पर किसी तरह नियंत्रण पाया गया। इस बीच, बड़ी संख्या में लोगों के घटनास्थल पर जमा होने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ नियंत्रित करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

अतिक्रमण पर उठ रहे सवाल

आग का कारण भले ही स्पष्ट नहीं हुआ हो, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध ढांचे व लापरवाही ने इस नुकसान को और बढ़ाया। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख चौराहों से अतिक्रमण हटाने व सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर हुई आगजनी

  • मंठा चौफुली शहर के रिंग रोड पर स्थित एक प्रमुख और अत्यंत व्यस्त चौराहा है, जहां से नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर और बीड़ की ओर जाने वाले भारी वाहन गुजरते हैं। यही नहीं, आसपास कई अस्पताल भी स्थित हैं।
  • ऐसे में आग के फैलने व अन्य सिलेंडरों में विस्फोट की आशंका से पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया था।
  • उक्त घटना ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण व सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिंग रोड के किनारे अस्थायी टीन-टपरों की दुकानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिनमें कई जगहों पर अवैध कब्जा सड़क तक फैल चुका है।
  • इन दुकानों में ज्वलनशील सामान व गैस सिलेंडर रखे होने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने से हादसों को न्योता मिल रहा है।

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