Congress Claims 33 Percent Voters At Risk: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद तेज होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में 33.88 प्रतिशत मतदाता या तो सूची से बाहर हो चुके हैं या उनके नाम हटने का खतरा है।
हालांकि, यह आंकड़ा कांग्रेस द्वारा जारी किए गए विश्लेषण पर आधारित है और इसे निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
जयराम रमेश के अनुसार, SIR के तीसरे चरण में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपलब्ध आंकड़ों में 36.06 करोड़ मतदाताओं में से 6.18 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जबकि 5.43 करोड़ मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस दिए गए हैं।
कांग्रेस का दावा है कि इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित होने की स्थिति में हैं। महाराष्ट्र के लिए पार्टी ने 33.88 प्रतिशत का आंकड़ा बताया है। रमेश ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का असर आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों तथा महिलाओं पर अधिक पड़ रहा है।
जयराम रमेश ने SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे ‘Shah Instigated Removal’ यानी ‘शाह द्वारा प्रेरित मतदाता निष्कासन’ बताया है। उन्होंने इसे संविधान पर हमला करार दिया। ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं; निर्वाचन आयोग की ओर से SIR को लेकर निर्धारित प्रक्रिया अलग है।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के अनुसार, राज्य में SIR-2026 के तहत प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई है और मतदाताओं को अपना नाम जांचने तथा दावे-आपत्तियां दाखिल करने की सुविधा दी गई है।
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक महाराष्ट्र राज्य में 20 सितंबर से 20 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
महाराष्ट्र के CEO पोर्टल पर SIR-2026 के लिए नाम खोजने, ASDD यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची देखने तथा दावे-आपत्तियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। निर्वाचन आयोग भी मतदाताओं को अपनी प्रविष्टि जांचने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन या आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा देता है।
कांग्रेस द्वारा जारी आंकड़ों में महाराष्ट्र को उन राज्यों में शामिल किया गया है जहां पार्टी ने बड़ी संख्या में मतदाताओं के प्रभावित होने का दावा किया है। ऐसे में SIR के अंतिम चरण तक दावे-आपत्तियों के निपटारे और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर नजर रहेगी। फिलहाल 33.88 प्रतिशत का आंकड़ा कांग्रेस पार्टी का दावा है, न कि निर्वाचन आयोग द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष।