राजस्थान के 45वें बनाए गए हैं राज्यपाल हरिभाऊ।
जनसंघ से राजनीतिक सफर की शुरुआत करके बने गवर्नर।
पीएम मोदी भी हो चुके हैं हरिभाऊ की सादगी के मुरीद।
छह बार महाराष्ट्र के विधायक बनने के साथ-साथ सहकारिता और डेयरी में दिया बड़ा योगदान।
Hari Bhau Bagde Rajasthan Governor Profile: महाराष्ट्र की राजनीति में 'नाना' के नाम से मशहूर हरिभाऊ किसनराव बागड़े वर्तमान में राजस्थान के 45वें राज्यपाल हैं। जुलाई 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था, तब उन्होंने निवर्तमान राज्यपाल कलराज मिश्र की जगह ली थी। 79 साल के हरिभाऊ बागड़े बेहद सादगी पसंद, जमीन से जुड़े और राजनीति के अनुभवी चेहरे हैं।
हरिभाऊ बागड़े का जन्म 17 अगस्त 1945 को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के चित्तेपिंपलगांव में एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। पिछले छह दशकों से भी ज्यादा समय से वह संघ की विचारधारा और समाज सेवा में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरुआत भारतीय जनसंघ से की थी। इसके बाद दिवंगत गोपीनाथ मुंडे के साथ मिलकर उन्होंने मराठवाड़ा इलाके में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत किया। हरिभाऊ बागड़े छह बार महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक चुने गए। वह पहली बार साल 1985 में औरंगाबाद पूर्व सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
1995 से 1999 के दौरान महाराष्ट्र की मनोहर जोशी सरकार में उन्होंने रोजगार गारंटी योजना और खाद्य आपूर्ति जैसे अहम विभागों के कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया। साल 2014 से 2019 तक वह महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष रहे, जहां उन्होंने बेहद निष्पक्ष और शालीन तरीके से सदन की कार्यवाही का संचालन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरिभाऊ बागड़े का रिश्ता संगठन के दिनों से काफी पुराना है। पीएम मोदी उनकी सादगी और निष्ठा के बहुत बड़े मुरीद हैं। इतने बड़े पदों पर रहने के बावजूद हरिभाऊ एक आम इंसान की तरह साधारण जीवन जीते हैं।
राजस्थान के राज्यपाल बनने वाले हरिभाऊ बागड़े की कार्यशैली से यहां के लोग पहले से परिचित हैं। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो राजस्थान के लगभग हर जिले का दौरा कर चुके हैं। वह बिना किसी औपचारिकता के किसी न किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते रहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यात्राओं के दौरान वह आम लोगों से अनौपचारिक बातचीत करते हैं और जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं का सीधा फीडबैक लेते हैं, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके।
हरिभाऊ बागड़े ने ग्रामीण इलाकों में सहकारिता और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने में बहुत बड़ा काम किया है। उन्होंने 1981 में देवगिरी नगरी सहकारी बैंक की नींव रखी और सालों तक औरंगाबाद जिला दुग्ध संघ के अध्यक्ष रहे। सितंबर 2025 में जब उन्होंने दिल्ली में पीएम मोदी को अपनी पुस्तक 'अभ्युदय की ओर' भेंट की, तब पीएम ने उनके इन प्रयासों की जमकर तारीफ की थी।