Gondia Farmer Issues Forest Department: गोंदिया जिले में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी मौसम की बेरुखी और कीट-रोगों का प्रकोप तो कभी वन्यजीवों का आतंक, किसान लगातार संकट का सामना कर रहे हैं। जिले के जंगल से सटे इलाकों में इन दिनों जंगली सुअरों, हिरणों और नीलगाय के झुंड खेतों में घुसकर लहलहाती फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे परेशान किसान अपनी जान जोखिम में डालकर रातभर खेतों में रुककर फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
गोरेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले बोहुंदा, आसरला, मनपुरी, रामाटोला, कलपाथरी, मुरदोली, निंबा और जांभुलपानी जैसे जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों का उपद्रव सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण खेतों में धान, तिल, मक्का और सब्जियों की फसलें अच्छी स्थिति में थीं। लेकिन रात होते ही जंगलों से निकलने वाले सुअरों और नीलगाय के झुंड खेतों में प्रवेश कर खड़ी फसलों को रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि दिन के समय खेतों में लोगों की मौजूदगी रहने से जानवर आने से कतराते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में झुंड बनाकर अचानक हमला कर देते हैं। किसान गुजराम भोयर और कारूबाबू मेंढे ने बताया कि वे अपने स्तर पर झटका मशीनें (सोलर फेंसिंग) और बाड़ लगाकर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। इसके चलते किसानों को पूरी रात खेतों में जागकर गुजारनी पड़ रही है।
किसानों में वन विभाग की सुस्ती को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए, तो उनकी महीनों की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। प्रभावित ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग वन्यजीवों को रिहाइशी व कृषि क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए कड़े प्रबंध करे और जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें तुरंत मुआवजा प्रदान करे।