Gondia Forest Department: तावशी-संभाजीनगर महामार्ग पर वाहन की चपेट में आया हिरण, मौके पर तोड़ा दम

Deer Road Accident: अर्जुनी मोरगांव के तावशी-संभाजीनगर महामार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 4 से 5 वर्ष के नर हिरण की मौत हो गई। वन विभाग ने पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है।
tawashi sambhajinagar highway deer death vehicle collision
हिरण की मौत(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Tawashi Sambhajinagar Highway: अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से एक नर हिरण की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 13 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे तावशी-संभाजीनगर महामार्ग पर हुई। इस हादसे ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, करीब 4 से 5 वर्ष उम्र का नर हिरण महामार्ग पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि हिरण ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाययोजना

तावशी-संभाजीनगर महामार्ग पर नर हिरण मृत अवस्था में मिलने से परिसर में शोक की लहर है। इस क्षेत्र में वन्यप्राणियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में महामार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। महामार्ग पर बढ़ती वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार को देखते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाययोजना करने की मांग वन्यजीव प्रेमियों ने की है। घटना की सूचना मिलते ही अर्जुनी मोरगांव वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे।

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वन विभाग कर रही जांच

मृत हिरण का पंचनामा किया गया है तथा नियमानुसार आगे की वन विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वनपरिक्षेत्राधिकारी बहुरे के मार्गदर्शन में वनरक्षक परशुरामकर, सतीश शेंदरे, रविंद्र सांदेवार तथा वनमजदूर दिलीप डोंगरवार मामले की जांच कर रहे हैं। हिरण को टक्कर मारने वाला वाहन कौन-सा था, उसका चालक कौन था तथा हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी जुटाने के लिए वन विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उपाय जरूरी

वनक्षेत्रों के समीप से गुजरने वाले मार्गों और महामार्गों पर वन्यप्राणी अक्सर सड़क पार करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसलिए संवेदनशील मार्गों पर वेगमर्यादा, वन्यप्राणी मार्ग के संकेतक, सावधानी संबंधी फलक तथा आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय तत्काल किए जाने की जरूरत है। विशेषकर सुबह और रात के समय वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए वाहन चालकों से इन मार्गों पर गति नियंत्रित रखते हुए सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील वन्यजीव प्रेमियों ने की है।

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