नगर पंचायत गोरेगांव (सौजन्य-नवभारत) 
गोंदिया

गोंदिया नगर पंचायत चुनाव में टिकट पाने के लिए लगी होड़, पार्टी की पहली पसंद पूंजपति उम्मीदवार

Maharashtra Politics: गोरेगांव नगर पंचायत चुनावों में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा में टिकट को लेकर असंतोष, कांग्रेस में उम्मीदवार लगभग तय हो चुका है।

प्रिया जैस

Goregaon Nagar Panchayat Election: शहर में नगर पंचायत चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। हर तरफ चुनावी चर्चाओं से माहौल गर्म है। भाजपा-कांग्रेस तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसे बड़े दलों के नेताओं में टिकट को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है। भाजपा में उम्मीदवारों की होड़ लगी हुई है। यहां अधिकतर भाजपा कार्यकर्ता पार्टी से उम्मीदवारी मांग रहा है।

ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में नगर अध्यक्ष समेत कुछ प्रभागों के लिए उम्मीदवार तय है। कुछ प्रभागों में पार्टी योग्य उम्मीदवार की तलाश है। उल्लेखनीय है कि इन चुनावों में श्याम दंड भेद का इस्तेमाल होने वाला है। ऐसे में पैसा खर्च करने वाले पूंजपति उम्मीदवार सभी दलों के लिए पहली पसंद बन रहे हैं।

यहां टिकट वितरण में भी पार्टी वरिष्ठ नेता तोल मोल के टिकट देने की चर्चाएं है‌। इच्छुक प्रत्याशी पर वोट खर्चे की गिनती लग रही है। जिसमें मतदाताओं की लॉटरी निकलने वाली है। शहर में आचार संहिता लागू होते ही चुनाव आयोग गोरेगांव शहर में हो रही चर्चाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

विधायक रहांगडाले कि सांख दाव पर

गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव पुरे 10 वर्षों बाद होने जा रहा है। 1 नगराध्यक्ष पद व 17 प्रभागों में पार्षद के लिए चुनाव होना है। नगराध्यक्ष पद में एसटी आरक्षण आने से पार्षद चुनावो में मतदाताओं की अधिक दिलचस्पी दिखाई दे रही है। ऐसे में प्रभाग उम्मीदवारों के नामों पर सभी की नजरें लगी हुई है।

एक ओर भाजपा यह चुनाव विधायक विजय रहांगडाले के नेतृत्व में लड़ने जा रही है। ऐसे में इन चुनाव में विधायक विजय रहांगडाले की सांख दाव पर लगी हुई। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल तथा जिला अध्यक्ष दिलीप बंसोड स्वयं गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव में नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

कांग्रेस में उम्मीदवार लगभग तय

कांग्रेस में नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार लगभग तय हो चुका है। वहीं भाजपा तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) अभी भी जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं। सबसे बड़ी पार्टी भाजपा में टिकट को लेकर इच्छुक प्रत्याशियों के रूठने मनाने का दौर चल रहा है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार गुट) अकेले अपने दम पर चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में नगर पंचायत चुनाव में पहली बार त्रिकोणी संघर्ष देखने को मिल सकता है। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी तथा शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार भी इन चुनाव में दिखाई दे सकते हैं।

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