MSRTC Rural Bus Service Infrastructure Crisis: गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के प्रमुख मार्गों पर यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील अंतर्गत गांवों में यात्रियों के आवागमन के लिए राज्य परिवहन निगम की बसें चलती हैं। तहसील के मुंडीपार, पानगांव, सालेकसा, रोंढा, दर्रेकसा, गोवारीटोला, पोवारीटोला, साकरीटोला, पिपरिया आदि मार्गों पर यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण किया गया था।
जिससे इन मार्गों से आवागमन करने वाले यात्रियों को मजबूरी में होटल, पानठेलों या सड़क किनारे खड़े रहकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों को खासकर बारिश, ठंड व गर्मियों में काफी परेशानी होती है।
सालेकसा तहसील होने के कारण नागरिकों का शासकीय कार्य के लिए व विद्यार्थियों का स्कूल, कॉलेजों आदि विभिन्न कार्यों के लिए आवागमन होता है। वहीं सालेकसा मार्ग से नागपुर-गोंदिया और छत्तीसगढ़ राज्य में यात्री आवागमन करते हैं। लेकिन इन क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर अब तक यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि संबंधित जगहों पर यात्री प्रतीक्षालय निर्माण करने की मांग अनेक वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक उक्त मार्गों पर यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण नहीं किया गया है।
एक तरफ सरकार द्वारा विभिन्न गांवों में सुविधा हो, इसलिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग की बस सेवा शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसान, महिलाएं व विद्यार्थी यात्रा करते हैं। लेकिन निर्माण किए गए यात्री प्रतीक्षालयों की अनदेखी के चलते वे पूरी तरह जर्जर या टूट-फूट कर खराब हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आलम है कि यात्रियों को वाहनों की प्रतीक्षा गोसीखुर्द बांध से छोड़ा गया 160 क्यूमेक्स पानी, वैनगंगा नदी किनारे अलर्ट जारी करने के लिए दुकान, सड़क किनारे या पानठेलों का सहारा लेना पड़ता है।
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आदिवासी बहुल नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। प्रशासन द्वारा नागरिकों को सहूलियत देने के लिए बस सेवा तो शुरू की गई है, लेकिन सालेकसा में सुसज्जित बस स्थानक नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मामले की शिकायत अनेकों बार अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।