

Gosikhurd Dam Water Release: भंडारा जिले में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। इस बारिश के कारण गोसीखुर्द जलाशय के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक हो गया। जल संसाधन विभाग और प्रशासन के निर्णय के अनुसार, गुरुवार को दोपहर 3 बजे से गोसीखुर्द बांध के पावर हाउस (विद्युत गृह) के माध्यम से वैनगंगा नदी के मुख्य पात्र में 160 क्यूमेक्स पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है।
पानी छोड़े जाने के कारण वैनगंगा नदी के जलस्तर में अचानक और तेजी से बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना बनी हुई है। सूखे जल स्त्रोतों में बढ़ा जलस्तर, किसानों के खिले चेहरे जिले में बीते 24 घंटों के दौरान हुई इस जोरदार बारिश से आम जनता और विशेष रूप से किसान वर्ग ने बड़ी राहत की सांस ली है। बुधवार की सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी रात भर चलती रही और गुरुवार की सुबह व दोपहर में भी रिमझिम फुहारों के साथ तेज बारिश की झड़ी लगी रही।
इस व्यापक वर्षा के कारण पिछले कई दिनों से बढ़ रही उमस और गर्मी की भीषणता पर पूरी तरह से लगाम लग गई है। इसके साथ ही, जिले के सूखे पड़े पारंपरिक जल स्रोत, कुएं और तालाब एक बार फिर पानी से लबालब होने लगे हैं। इस अनुकूल मौसम को देखकर किसानों के मुरझाए चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। खरीफ सीजन की फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हो रही है, जिससे उत्साहित होकर किसान अब दोगुनी उम्मीद के साथ अपने कृषि कार्यों और बुआई-रोपाई में जुट गए हैं।
जिला प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांवों के नागरिकों, मछुआरों, पशुपालकों और नदी मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की आधिकारिक चेतावनी और अपील जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी स्थिति में नदी के जलपात्र में प्रवेश न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आपदा प्रबंधन विभाग और सभी स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
मौसम विभाग और प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भंडारा जिले में औसतन 26।3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस दौरान जिले के दो प्रमुख मंडलों, अड्याल और सिहोरा में भारी अतिवृष्टि दर्ज की गई।