Electricity Bill (Source: Social Media) 
गोंदिया

गोंदिया: पर्यटन संकुल में छाया अंधेरा, बकाया बिजली बिल के कारण महावितरण ने दूसरी बार काटी बिजली आपूर्ति

Gondia Tourism News: नवेगांवबांध पर्यटन संकुल में 1.15 लाख का बिजली बिल बकाया होने से आपूर्ति ठप, पर्यटकों में रोष, प्रबंधन को वन्यजीव विभाग से राजस्व विभाग को सौंपने की मांग तेज

रूपम सिंह

Navegaon Bandh Electricity Bill News: नवेगांवबांध पर्यटन संकुल में अव्यवस्था की समस्या गंभीर होती जा रही है और तीन महीने के समय में दूसरी बार बिजली आपूर्ति खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। इससे पहले भी बिजली बिल बकाया होने की वजह से बिजली काटी गई थी। चार महीने पूरे होने के बाद भी महावितरण द्वारा दोबारा की गई कार्रवाई ने व्यवस्थापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वन्यजीव विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाला ग्रीन पार्क उपहारगृह, जिससे हर महीने करीब 16,000 रु. किराया वसूला जाता है। इसमें फिलहाल पानी की कमी हो रही है। बिजली आपूर्ति में रुकावट की वजह से रेस्टोरेंट का काम ठप हो गया है।

यहां, संबंधित आरएफओ अधिकारी के नियंत्रण में आने वाला राजस्व सीधे वन विभाग के फंड में जमा होता है। लेकिन, देखा जा रहा है कि बिजली बिल का पेमेंट समय पर नहीं हो पा रहा है क्योंकि जब तक निधि वापस नहीं आती, तब तक खर्च नहीं किया जा सकती। पता चला है कि इसी खराब आर्थिक नियोजन की वजह से बार-बार बिजली काटी जा रही है। हिलटॉप गार्डन की हालत भी कुछ अलग नहीं है।

बड़ी मात्रा में राजस्व मिलने के बावजूद, बिजली बिल का बकाया 58,000 रु. से ज्यादा है और यहां बिजली आपूर्ति खंडित कर दी गई है। ग्रीन पार्क समेत संबंधित विभागों का कुल बकाया करीब 1 लाख 15 हजार रु. है। कहा जा रहा है कि महावितरण द्वारा तीन महीने बाद भी एक बार फिर बिजली आपूर्ति खंडित किए जाने से प्रशासन की अनदेखी चरम पर पहुंच गई है।

पर्यटकों में रोष, व्यवस्थापन में बदलाव की मांग

बार-बार हो रही इस घटना से पर्यटकों को परेशानी हो रही है और यह मांग बढ़ रही है कि पूरे पर्यटन संकुल व्यवस्थापन वन्यजीव विभाग से लेकर राजस्व विभाग को दिया जाए। गोंदिया पर्यटकों ने यह भी माना है कि अगर बीओटी सिद्धांत पर किसी काबिल यंत्रणा को नियंत्रण दिया जाए, तो व्यवस्थापन बेहतर होगा और पर्यटन फिर से शुरू हो जाएगा, लोगों ने चेतावनी दी है कि जिलाधीश तुरंत दखल दें, नहीं तो नवेगांवबांध पर्यटन संकुल का वजूद खतरे में पड़ जाएगा।

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