Pre Monsoon Update (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
गोंदिया

बीता मृग नक्षत्र, गोंदिया में मानसून की देरी से बढ़ी गर्मी, बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोग

Gondia Monsoon Delay: जून माह के मध्य तक मानसून नहीं पहुंचने से गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जलसंकट गहराने लगा है, हैंडपंप सूख रहे हैं और किसान खरीफ बुआई के लिए बारिश का इंतजार है।

आंचल लोखंडे

Gondia Heatwave News: प्री-मानसून की दस्तक अब तक नही हो पाई है। वर्तमान में भी गर्मी लोगों की सहन शक्ति की लगातार परीक्षा ले रही है। इधर जितनी लंबी बारिश खीचेंगी उतना ही पेयजल संकट गहराता जाएगा। अब सभी लोगों को रिमझिम व झमाझम बारिश के दौर का इंतजार है। जून माह चल रहा है और अभी तक अप्रैल व मई वाली गर्मी का ही अहसास हो रहा है।

इधर आसमान पर हलके बादल भी छाए रहते हैं। इसके चलते सूर्यदेव लुकाछिपी भी करते हैं। वर्तमान में गर्मी सितम ढा रही है। उमस से हर कोई व्याकुल है। दोपहर के समय आसमान से बरस रही आग के सामने सबकी हिम्मत जवाब दे जाती है। सूरज की तपन के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। कुल मिलाकर तेज गर्मी की वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। दिन में सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को सड़क किनारे पेड़ की छांव में गर्मी से बचने की कोशिश करते हुए देखा जा रहा है।

तेज धूप और उमस ने बढ़ाई मुश्किलें

बढ़े हुए तापमान के कारण लोग सुबह से ही गर्मी से बेहाल हो उठते हैं। दिन के समय हालत ऐसी हो जाते है कि कूलर, पंखे चलाकर घरों में आराम करने वाले लोग भी उमस से बेहाल हो जाते हैं। दोपहर के समय तो कम ही लोग घरों से बाहर निकलते हैं। गर्मी से लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं। दिन भर की गर्मी व उमस से परेशान लोग शाम को प्राकृतिक वातावरण में कुछ सुकून पाते हैं।

पानी की जरूरत बढ़ी

गर्मी के इस मौसम में लोगों की पानी की जरूरत भी बढ़ी हुई है। वहीं भूजल स्तर में भी लगातार गिरावट आ रही है। ग्रामीण के कई क्षेत्रों में हैंडपंप दम तोड़ते जा रहे हैं। जो हैंडपंप चलते हैं उनमें भीड़ लगी रहती है। नाले भी अब मैदान के रूप में तब्दिल हो चुके हैं। लोगों को अब बारिश का इंतजार है। बारिश का दौर शुरू होने पर जहां माहौल में ठंडक घुलने लगेगी वहीं दूसरी और किसान भी खरीफ फसल की तैयारियों में जुट जाएंगे।

दोपहर में मार्गों पर छाया रहता है सन्नाटा

दोपहर के समय तेज धूप के चलते लोगों ने बाहर निकलना टाल दिया, जिससे मार्गों पर सन्नाटा छाया रहता है। तेज धूप के कारण कूलर भी काम नहीं कर रहे है। घरों के बाहर निकलने वाले लोग गन्ने के जूस सेंटर, प्याऊ व कोल्ड्रिंक्स की दूकानों पर पहुंचकर प्यास बुझाते हुए दिखाई दे रहे है।

मृगधारा का बेसब्री से इंतजार

मृग नक्षत्र शुरू होने के बाद भी जिले में मानसून नहीं आया है। जिससे जिलावासियों को 'मृगधारा' के लिए इंतजार करना होगा। दूसरी ओर खरीफ सीजन के लिए किसानों का पूर्व-खेती का काम पूरा हो चुका है और किसान खरीफ की बुआई के लिए तैयार है। किसानों के साथ ही सभी को अब मानसून का बेसब्री से इंतजार है।

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