Gondia Health Effects Loud Noise: गोंदिया शहर में शादी विवाह, धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान तेज आवाज में बजने वाले डीजे को लेकर नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि कई बार डीजे के पास से गुजरते समय तेज बेस और कंपन का असर केवल कानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सीने और हृदय क्षेत्र में भी कंपन जैसा महसूस होने लगता है।
अब यह मुद्दा सोशल मीडिया ग्रुप 'विधान सभा' में भी जोर-शोर से उठाया गया है। ग्रुप के सदस्यों और नागरिकों ने तेज आवाज वाले डीजे तथा अत्यधिक बेस से आम लोगों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताते हुए प्रशासन से स्पष्ट और प्रभावी गाइडलाइन जारी करने की मांग की है।
पूर्व अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गोंदिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र गुप्ता के अनुसार सुनने की क्षमता में कमी, में सीटी/घंटी, कान में दर्द, सिरदर्द, चक्कर, नींद में बाधा, चिड़चिड़ापन/तनाव तथा लंबे समय में रक्तचाप और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं और दिल का दौरा पड़ने की संभावना हो सकती है।
गोंदिया शहर में विनायक गजघाट बोले की तेज आवाज में बजने वाला डीजे बुजुर्गों, बीमारों और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। देर रात का यह शोर छात्रों के भविष्य और नागरिकों के आराम के अधिकार को प्रभावित करता है। रात 10 बजे नियम के तहत डीजे बंद कराने पर मैरिज लॉन-भवन के कर्मचारियों को धौस दिखाना या धमकाना पूरी तरह असहनीय है।
- विनायक गजघाट, अध्यक्ष, क्षत्रिय मरठा कलार समाज, गोंदिया
गोंदिया शहर में शंकर अग्रवाल का कहना है कि अंतर मनोरंजन और ध्वनि प्रदूषण में समझना होगा। सोशल मीडिया ग्रुप विधान सभा' में भी इस मुद्दे पर चिंता जताई गई है। प्रशासन को डीजे संचालकों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन बनाकर उसका कड़ाई से पालन कराना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो।
शंकर अग्रवाल, संचालक स्वागत लॉन
संजू भैया हिंदुस्तानी श्रीवास्तव शहर में शादी विवाह, धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान तेज आवाज से डीजे साउंड सिस्टम एक चलती फिरती मौत की दुकान है। साउंड और वाइब्रेएशन सीधा हार्ट और कानों पर अटैक कर रहा है। लोग बहरे हो रहे और हार्ट अटैक से मर रहे है। इसके लिए प्रतिबंध जरुरी है। या फिर बसों में जैसे स्पीड कंट्रोलर होता वैसे ही डीजे साउंड डेसिबल कंट्रोलर हो।
- संजू भैया हिंदुस्तानी श्रीवास्तव, इन्फल्यूसर