Gondia Drinking Water Shortage: गोंदिया तालाबों के जिले के नाम से प्रसिद्ध गोंदिया जिले में मानसून के दौरान मूसलाधार बारिश होती है। 1,100 मिमी। बारिश वाले गोंदिया जिले में अगर कोई पानी के लिए भटक रहा है तो यह सरकारी यंत्रणा की विफलता है।
सरकार की गलत योजना के कारण जिले के सालेकसा तहसील के कोटरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले वारकरीटोला में जल स्रोत सूख गए हैं। यह दिल दहला देने वाली तस्वीर है कि महिलाओं को पानी लाने के लिए 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। सालेकसा तहसील के कोटरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले वारकरीटोला को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ा है।
परिणामस्वरूप गांव की महिलाओं को सुबह से ही पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता है। एक तरफ प्रशासन दावा कर रहा है कि वह पानी की समस्या को लेकर कई कदम उठा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कुछ गांवों में पानी की कमी की समस्या बनी हुई है। इसके बाद भी सरकार स्थायी उपाय नहीं कर पा रही है।
इसलिए ग्रामीणों ने मांग की है कि पेयजल समस्या का समाधान किया जाए। जलसंकट की स्थिति गंभीर इस वर्ष जिले में जलसंकट की स्थिति अधिक गंभीर हो गई है। तालाबों, बांधों, नदी नालों, परियोजनाओं में जलस्तर गहरा गया है। इस क्षेत्र के निवासियों को मार्च से ही पानी की कमी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
कोटरा ग्राम पंचायत गट ग्राम पंचायत है, जिसमें कोटरा, सलंगटोला, वारकरीटोला, नवाटोला आदि गांव शामिल हैं। इन चार गांवों में पानी की गंभीर कमी हो गई है और कुओं का जलस्तर नीचे चले गया है।
गांव के सभी जलस्रोत सूखे हैं। यह स्थिति हर साल उत्पन्न होती है। लेकिन, इस बात को सभी ने नजरअंदाज कर दिया। दूर से पानी लाना पड़ता है। उम्मीद है कि गांव में पानी की समस्या का समाधान हो। नागरिकों को पानी के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
छाया प्रधान, वारकरीटोला जलद जल्द ही हम पानी के लिए करेंगे आंदोलन पिछले कई वर्षों से हमें हर साल गर्मी के दिनों में पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। लेकिन, प्रशासन इसे नजरअंदाज कर देता है।
इसलिए इस वर्ष ज्ञापन सौंपते ही जन आंदोलन करने का इरादा है। जल्द ही हम पानी के लिए आंदोलन करेंगे। अशोक कोटांगले, कोटरा कोई समाधान नहीं निकलापानी के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है।
इस संबंध में पानी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन, अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। ग्राम सेवक को बताकर परेशान हो गए है। उम्मीद है कि पानी की कमी दूर हो। सीमा कोटांगले, सरपंच, ग्रापं कोटरा