Gondia Railway Land Acquisition: गुदमा-प्रताप बाग नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए अधिगृहीत की जा रही जमीनों का कथित रूप से बेहद कम मुआवजा दिए जाने के विरोध में किसानों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। किसान जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन के रवैये के खिलाफ कटंगी नाका, बालाघाट रोड, गोंदिया पर रास्ता रोको आंदोलन किया। समिति ने प्रशासन को 6 सितंबर तक मांगों का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया था।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रेलवे लाइन के लिए कटंगी कला, नागरा हलबीटोला, सावरी, गर्रा, गोंदिया खुर्द, पोवारीटोला, दतोरा, खमारी, चुलोद सहित करीब 12 गांवों के किसानों की खेती की जमीन, मकान, प्लॉट और दुकानें अधिग्रहीत की जा रही हैं। किसानों का दावा है कि क्षेत्र में जमीन का बाजार भाव 1 से 3 करोड़ रु. प्रति एकड़ तक है, जबकि रेलवे प्रशासन द्वारा महज 19,930 रु. प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। इसे लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। समिति ने चेतावनी दी थी कि यदि 6 सितंबर तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तीव्र किया जाएगा।
बता दें कि 23 अगस्त को कटंगी कला में आयोजित बैठक में प्रभावित भू-धारकों ने सर्वसम्मति से कम मुआवजा स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया गया था। किसानों का कहना है कि जमीन और संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर ही उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने गाजे-बाजे के साथ भजन गाते हुए और काले दुपट्टे व काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से रास्ता रोको आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों को रास्ता दिया गया।
अधिग्रहित होने वाली जमीन, मकान, प्लॉट और दुकानों के मालिकों को शासकीय नौकरी दी जाए, जमीन व संपत्ति का बाजार भाव से पांच गुना अधिक मुआवजा दिया जाए, आधी जमीन अधिग्रहित होने के बाद शेष जमीन अनुपयोगी होने वाले किसानों को पूरी जमीन का मुआवजा दिया जाए, रेलवे लाइन के कारण बंद होने वाले खेतों के पगडंडी रास्तों के बदले वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध कराए जाएं।