किंडगीपार प्रकरण में 90 पर केस दर्ज (सौजन्य-नवभारत) 
गोंदिया

किंडगीपार आंदोलन में भड़की हिंसा, गोंदिया पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई अधिकारी और ग्रामीण घायल, 90 केस हुए दर्ज

Gondia Kindgipar Liquor Ban Protest: गोंदिया के किंडगीपार में शराबबंदी आंदोलन हुआ हिंसक! पुलिस पर पत्थरबाजी में 41 कर्मी घायल। 90 लोगों पर केस दर्ज, 10 अप्रैल के अल्टीमेटम से प्रशासन हाई अलर्ट पर।

प्रिया जैस

Gondia Amgaon Police Violence: आमगांव तहसील के किंडगीपार में शराब की दुकान को हमेशा के लिए बंद करने की मांग ने अब हिंसक रूप ले लिया है। 10 अप्रैल को घोषित 'रेलवे रोको' व 'सामूहिक आत्मदाह' के परिणाम सामने आ रहे थे, वहीं 6 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर आक्रोशित भीड़ ने पत्थरबाजी कर दी। इस हिंसक झड़प में 6 पुलिस अधिकारी, 35 कर्मचारी सहित ग्रामवासी भी घायल हो गए।

इस बीच 7 अप्रैल को तीन गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को न्यायालय ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। महिलाओं और युवाओं ने गांव के विकास के लिए शराब मुक्त गांव की मांग की थी। 5 अप्रैल को संतोष दोनोडे और उनके परिवार को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की (धारा 168) का नोटिस देने गई पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई।

प्रदर्शनकारियों ने फाड़ा नोटिस

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सेक्शन 168 का नोटिस फाड़ दिया और वहां मौजूद पुलिसवालों को धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया। 6 अप्रैल को जब पुलिस सरकारी काम में रुकावट डालने के इसी गंभीर मामले में संतोष दोनोडे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करने गई, तो रोषित ग्रामवासियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें जयश्री गाडबांधे, सुरेखा अवताड़े, श्याम ब्राह्मणकर, मनीषा निकम, प्रवीण डांगे समेत कई पुलिस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात की गंभीरता को समझते हुए, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और पुलिस उपअधीक्षक अभय डोंगरे मौके पर पहुंचे।

कई नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने भीड़ से शांति की अपील की और हालात को काबू में किया। इस मामले में शिकायतकर्ता मनीषा निकम की शिकायत पर मुख्य आरोपी संतोष दोनोडे और करीब 80 से 90 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

प्रशासन हाई अलर्ट पर

मजदूरों व मेहनतकशों की बस्ती किंडगीपार गांव में 'शराब बंदी के लिए मतदान' की मांग जारी है। संतोष दोनोडे, चुनेश्वरी हरिनखेड़े, प्रमिला खरोले, यमन पुसाम और रूपकला भांडारकर ने आत्मदाह की धमकी दी है। गिरफ्तार किए गए तीनों प्रदर्शनकारियों को 7 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया गया, उन्हें तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। 10 अप्रैल की 'अवधि' के कारण पूरा प्रशासन अभी भी हाई अलर्ट पर है।

थाने के 200 मीटर पर बैरिकेड‍्स

पुलिस विभाग द्वारा 200 मीटर पर ही पुलिस थाने जाने के दोनों मार्ग पर बैरिकेड‍्स् लगा दिए गए है। जिससे कोई भी इस मार्ग पर न आ सके तथा ग्राम किंडगीपार से आमगांव आने वाले मार्ग पर चौक-चौक में पुलिस बल तैनात किया गया तथा न्यायालय जाने वाले मार्ग पर भी पुलिस बल तैनात किया।

अनेक थानों से मंगवाए पुलिसकर्मी

आमगांव तहसील के किंडगीपार में शराबबंदी को लेकर हुए पथराव व लाठीचार्ज से गांव में माहौल खराब हो गया। वहीं ग्रामवासी पुलिस विभाग को लेकर आक्रोशित है। यह हालात और खराब न हो इसलिए जिले के अनेक पुलिस थानों से पुलिस कर्मियों को बुलाया गया तथा आमगांव सहित मुख्य चौक-चौक पर पुलिस का बंदोबस्त लगाया गया है।

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