Gondia Education Department: विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी को स्थायी रूप से डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने के लिए शुरू की गई ‘अपार आईडी’ निर्माण प्रक्रिया में गोंदिया जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जिले में अब तक 88.52 प्रश। विद्यार्थियों की ‘अपार आईडी’ तैयार हो चुकी है। इस उपलब्धि के साथ गोंदिया ने राज्य में छठा स्थान हासिल किया है। जिले के कुल 2 लाख 14 हजार 804 विद्यार्थियों में से 1 लाख 90 हजार 134 विद्यार्थियों की ‘अपार आईडी’ सफलतापूर्वक जनरेट हो चुकी है। वहीं, अभी भी 24 हजार 670 विद्यार्थियों की डिजिटल पहचान बनना बाकी है।
आधार प्रमाणीकरण व अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर विभिन्न दिक्कतों के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रयास जारी हैं। ‘अपार’ (ऑटोमेटेड परमानेंट अकादमिक अकाउंट रजिस्ट्री) राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई यह ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ व्यवस्था है। 12 अंकों की इस आईडी के माध्यम से विद्यार्थी की शैक्षणिक जानकारी को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। इस एक आईडी में बालवाड़ी से लेकर उच्च शिक्षा तक की अंकतालिकाएं, प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति, खेल पुरस्कार और अर्जित क्रेडिट जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सुरक्षित रखी जा सकेगी। विद्यार्थी देश के किसी भी हिस्से में स्कूल या कॉलेज बदलता है, तब भी उसकी शैक्षणिक जानकारी उपलब्ध रहने से प्रवेश प्रक्रिया में दस्तावेजों की परेशानी कम होगी।
इसके अलावा फर्जी प्रवेश पर रोक लगाने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में भी ‘अपार आईडी’ उपयोगी साबित होगी। शासन की ओर से सभी विद्यार्थियों की 100 प्रश. ‘अपार आईडी’ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए गोंदिया जिले में प्रक्रिया को गति दी जा रही है। ‘अपार’ पंजीयन प्रक्रिया में आदिवासी बहुल गोंदिया जिले ने राज्य में छठा स्थान हासिल किया है। अपार आईडी बनाने के मामले में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य में पहले पांच स्थानों पर सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, अहिल्यानगर, वर्धा और सातारा जिला शामिल हैं।
प्राथमिक शिक्षाधिकारी पवन खंडारे ने कहा कि विद्यार्थियों की डिजिटल पहचान का 100 प्रश. लक्ष्य पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग को विशेष ध्यान देना होगा। शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में अपार आईडी बनाने का काम तेजी से जारी है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए यह आईडी बेहद महत्वपूर्ण है। गोंदिया जिले ने अपार आईडी पंजीयन में राज्य में छठा स्थान हासिल किया है। जिले के सभी तहसीलों में 88 प्रश. से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी जल्द ही तैयार कर ली जाएगी।