Gondia News: गोंदिया सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। यह आम बात है कि लालफीताशाही में काम करने वाला सुल्तान बिना रिश्वत लिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ाता। यह बात गोंदिया भ्रष्टाचार निरोधक विभाग द्वारा पिछले साढ़े पांच वर्ष में किए गए 65 सफल ट्रैप ऑपरेशन से भी साबित हुई है।
अगर 2021 से अप्रैल 2026 तक के साढ़े पांच वर्षों पर गौर करें तो पंचायत समिति कार्यालय भ्रष्टाचार में नंबर वन बन गया है। पिछले 5 सालों में एसीबी की गतिविधियों में अकेले पंचायत समिति कार्यालय में 14 सफल ऑपरेशन किए गए हैं। राजस्व विभाग इसके बाद आता है। इस वजह से सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार फलफूल रहा है और जिले में चर्चा होने लगी है कि रिश्वतखोर भी बेलगाम हो गए हैं।
सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकारी कार्यालय में काम पारदर्शी हो और नागरिकों के काम जल्दी और समय पर पूरे हो। इसके लिए सरकारी सेवा में अधिकारियों और कर्मचारियों को कई तरह की सुविधाएं और भारी वेतन दिया जाता है। लेकिन, सरकारी काम में देरी करके भ्रष्टाचार की दर दिनबदिन बढ़ती जा रही है।
सरकारी यंत्रणा भ्रष्टाचार की इस प्रवृत्ति से ग्रस्त है और इसका असर सरकारी कामकाज और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। एसीबी ने 2021 से अप्रैल 2026 की अवधि के दौरान विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जाल बिछाकर कुल 65 सफल ऑपरेशन किए हैं और 98 आरोपियों को पकड़ा गया है। विभाग की कार्रवाई से सरकारी यंत्रणा में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।
उल्लेखनीय है कि रिश्वतखोरी में पंचायत समिति विभाग अव्वल रहा है। अकेले पंचायत समिति कार्यालय में 14 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए हैं।
एंटीकरप्शन विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में खड़ा किया। इस बीच, न्यायालय की कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को दोषी पाया गया। इसमें 2021 और 2023 में एकएक आरोपी को सजा सुनाई गई। जबकि 16 आरोपियों को बरी कर दिया गया।
गोंदिया एसीबी विभाग ने बताया कि पहले की अपेक्षा लोगों में जागरुकता आई है। रिश्वत मांगने पर लोग इसकी शिकायत कर रहे है। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कोई रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत एसीबी को करें। ताकि रिश्वत लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।