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गोंदिया ACB ने अहेरी नगर पंचायत के स्वीकृत पार्षद अमोल गुडेलीवार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
नगरोत्थान योजना के तहत बिजली केबल बिछाने के काम का बिल निकलवाने के बदले 3 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है।
ठेकेदार ने आरोप के अनुसार, इससे पहले 30 हजार रुपए दिए थे।
Aheri Councillor Arrested: गोंदिया जिले के नगरोत्थान योजना के तहत मंजूर कार्यों का बिल निकलवाने के बदले 3 लाख रु. की रिश्वत मांगने वाले अहेरी नगर पंचायत के स्वीकृत पार्षद अमोल विलासराव गुडेलीवार (40) को गोंदिया के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 15 अक्टूबर को 1 लाख 20 हजार रु. की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से अहेरी के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
शिकायतकर्ता 33 वर्षीय पंजीकृत इलेट्रिकल ठेकेदार हैं और अहेरी में उनकी बिजली सामग्री की दुकान है। नगरोत्थान योजना 2025-26 के अंतर्गत अहेरी नगर पंचायत क्षेत्र के प्रभाग क्र.1 से 10 तथा प्रभाग क्र.11 से 17 में अतिरिक्त सर्विस केबल बिछाने का कुल 19 लाख 87 हजार 765 रु. का काम शिकायतकर्ता और उनके सहयोगी ने निर्धारित समय में पूरा किया था।
काम का पूरा बिल मंजूर होने के बाद स्वीकृत पार्षद अमोल गुडेलीवार शिकायतकर्ता की दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने उक्त काम जिला नियोजन समिति, गड़चिरोली से अपने कोटे से मंजूर करवाने का दावा करते हुए कुल बिल की 15 प्रश. राशि के हिसाब से 3 लाख रु. की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने मजबूरी में 5 अगस्त 2026 को 30 हजार रु. दे दिए थे। इसके बाद भी शेष 2 लाख 70 हजार रु. के लिए गुडेलीवार कथित तौर पर वाट्सऐप कॉल के माध्यम से लगातार दबाव बना रहे थे।
आखिरकार शिकायतकर्ता ने गोंदिया एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम ने 15 अक्टूबर को पंचों की मौजूदगी में रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन किया। इस दौरान 2 लाख 70 हजार रु. की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद बातचीत के दौरान फिलहाल 1 लाख 20 हजार रु. देने पर सहमति बनी। आरोपी ने शिकायतकर्ता को यह रकम अपनी हार्डवेयर की दुकान पर लाने के लिए कहा।
निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता जैसे ही 1 लाख 20 हजार रु. लेकर पहुंचा और आरोपी ने रकम स्वीकार की, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने अमोल गुडेलीवार को रंगेहाथ पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ अहेरी पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई करने वाली टीम में पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत, एएसआई चंद्रकांत करपे, हवलदार संजयकुमार बोहरे, मंगेश कहालकर, नाईक संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, प्रशांत सोनवणे और दीपक बाटबर्वे शामिल थे।