Gadchiroli Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 इस वित्तीय वर्ष के लिए सुधारित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की है। खरीफ सीजन के लिए गड़चिरोली जिले के किसानों को धान व कपास इन अधिसूचित फसलों का बीमा निकालने का अवसर उपलब्ध हुआ है।
प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, बाढ़, अकाल, कीट व रोगों का प्रकोप के कारण होने वाले संभावित वित्तीय नुकसान से संरक्षण मिलने के लिए किसान 31 जुलाई तक बीमा योजना में सहभाग लेकर योजना का लाभ लें, ऐसा आह्वान जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर ने किया है।
सुधारित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अधिसूचित राजस्व मंडल में अधिसूचित फसलों का शुरू वर्ष का औसत उत्पादन यह निर्धारित उत्पादन से कम आने पर संबंधित पात्र किसानों को बीमा नुकसान मुआवजे का लाभ मिलने वाला है। बदलते मौसम के मद्देनजर किसानों को वित्तीय संरक्षण देने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।
गड़चिरोली जिले में खरीफ सीजन में धान व कपास इन 2 फसलों का योजना में समावेश किया गया है। धान फसलों के लिए बीमा संरक्षित राशि के 2% तथा कपास इन फसलों के लिए 5% बीमा हफ्ता भरकर किसान योजना में सहभाग ले सकते हैं।
योजना में सहभाग लेने के लिए किसान नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल (NCIP) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सहभाग ले सकते हैं। इसके लिए एग्री-स्टैक (Agri-Stack) पंजीयन क्रमांक होना आवश्यक रहने वाला है।
बीमा आवेदन के लिए जमीन के आवश्यक दस्तावेज, फसल बुआई घोषणापत्र, आधार क्रमांक तथा आधार से संलग्न बैंक खाता आवश्यक है। इसके साथ ही प्रत्येक किसान को अपनी फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूर्ण करना अनिवार्य है।
शुरू वर्ष के संभाव्य मौसम में बदलाव तथा बारिश के अनुमान के मद्देनजर फसल बीमा योजना किसानों के लिए वित्तीय है। जिससे जिले के अधिक से अधिक किसान अपनी समीप की बैंक शाखा, आपले सरकार सेवा केंद्र या ऑनलाइन माध्यम से 31 जुलाई के पूर्व बीमा हफ्ता भरकर योजना में सहभाग लें, ऐसा आह्वान जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर ने किया है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में पंजीयन हुए फसलों की जानकारी तथा बीमा आवेदन के फसलों की जानकारी में फर्क दिखाई देने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे की जानकारी अंतिम मानी जाएगी। ऐसे फर्क के कारण बीमा आवेदन नामंजूर हो सकता है।
योजना का गलत उपयोग करने के लिए गलत जानकारी देकर आवेदन करना पाए जाने पर संबंधित किसान को आगामी 5 वर्ष कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित रखने का प्रावधान किया गया है। वहीं बीमा योजना में सहभाग लेने के लिए किमान (न्यूनतम) 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल होना आवश्यक है।