Markanda fair Gadchiroli (सोर्सः सोशल मीडिया) 
गढचिरोली

मार्कंडा मेले में आपदा प्रबंधन की सतर्कता, 4 युवकों की बचाई जान, 10 दिवसीय मेला सकुशल संपन्न

Markanda Fair Gadchiroli: गड़चिरोली के मार्कंडा मेले में प्रभावी आपदा प्रबंधन के चलते चार युवकों की जान बचाई गई और 10 दिवसीय मेला सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।

आंचल लोखंडे

Wainganga River Rescue: महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित मेले के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई। जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा के मार्गदर्शन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गड़चिरोली द्वारा मार्कंडा (तहसील चामोर्शी), मौजा चपराला (तहसील चामोर्शी) तथा मौजा पलसगांव (तहसील आरमोरी) में 15 से 25 फरवरी तक आयोजित मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

विशेष रूप से मार्कंडा यात्रा के दौरान वैनगंगा नदी घाट क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा और बचाव व्यवस्था की गई थी। इसके तहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) नागपुर की 20 सदस्यीय टीम, अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग के बचाव दल, बचाव नौकाएं, आवश्यक सुरक्षा उपकरण तथा आपदा मित्रों की टीम पूरे यात्रा काल में तैनात रही।

यात्राओं को सुरक्षित और व्यवस्थित संपन्न कराने के प्रयास

जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा और निवासी उपजिलाधिकारी वानखेड़े ने मेले की पूर्व तैयारियों की समय-समय पर समीक्षा बैठकें लेकर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, जिला परिषद तथा अन्य विभागों ने आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यात्राओं को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए लगातार प्रयास किए। आपदा प्रबंधन टीम की तत्परता के कारण नदी क्षेत्र में संभावित जनहानि टालने में सफलता मिली। 18 फरवरी को आपदा मित्र मनोज आत्राम और एसडीआरएफ जवान जी.डी. सांगले ने एक युवक की जान बचाई। वहीं 22 फरवरी 2026 को तीन युवक नदी में डूबने लगे थे, जिन्हें आपदा मित्र समीर शेंडे, पुलिस बचाव दल के बाबा वासनिक तथा गोपाल आलाम ने तत्काल नाव और लाइफ जैकेट की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला।

नहीं हुई कोई अप्रिय घटना

पूरे मेले के दौरान जिले में आयोजित सभी यात्राएं शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हुईं तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। संभावित जनहानि को टालने में आपदा प्रबंधन तंत्र और आपदा मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

इस मेले के लिए आपदा प्रबंधन की संपूर्ण योजना उपविभागीय अधिकारी (चामोर्शी) एम. अरुण तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी (गड़चिरोली) सूरज जगताप के मार्गदर्शन में तैयार की गई थी। तहसीलदार प्रशांत घोरुडे, गट विकास अधिकारी प्रकाश पोल, पुलिस निरीक्षक दीपक डोंब, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नीलेश तेलतुंबडे, सहायक राजस्व अधिकारी (आपदा प्रबंधन) स्वप्नील माटे तथा आपदा मित्र चंद्रशेखर मोलंगुलवार, अजीत नरोटे, कल्पक चौधरी और मयर किन्नाके के सहयोग से यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रभावी रूप से निभाई गई।

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