स्मार्ट मीटर टीओडी (सौजन्य-नवभारत) 
गढचिरोली

स्मार्ट TOD मीटर का कमाल: 100 यूनिट पर सीधे ₹91 की बचत! अब मोबाइल ऐप पर हर घंटे देख सकेंगे बिजली की खपत

Mahavitaran Smart Meter Benefits: महाराष्ट्र में बिजली उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए महावितरण (MSEDCL) ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया।

प्रिया जैस

Smart TOD Meter Maharashtra: आज तकनिकी युग में जैसे घड़ी, मोबाइल तथा टीवी जैसे 'स्मार्ट' हुए है, उसी तर्ज पर महाराष्ट्र में बिजली व्यवस्था में भी सुधार लाया जा रहा है। महावितरण ने ग्राहकों के लिए 'स्मार्ट टीओडी (आईम ऑफ डे)' बिजली मीटर लाया है। इससे ग्राहकों को केवल अचूक बिजली बिल ही नहीं मिलेगा, बल्कि बिजली दर में भी सहूलियत मिलने का अवसर भी उपलब्ध हुआ है।

इस उपक्रम को लेकर कुछ लोगों द्वारा गलतफहमी व अफवाएं फैला रहे हैं, लेकिन वास्तविकता लाभकारी व ग्राहकभिमुख है। स्मार्ट टीओडी मीटर यह डिजिटल तकनीक पर आधारित है। इसमें दिन के अलग-अलग समय के अनुसार बिजली उपयोग गिनने की सुविधा है। सुबह 9 से शाम को 5 बजे तक इस कालावधि में बिजली का उपयोग करने वाले ग्राहकों को प्रति यूनिट 80 पैसे से 1 रूपया तक सहूलियत मिलने वाली है।

1 जुलाई से होगा लागू

1 जुलाई 2025 से यह सहूलियत लागू हुई है। घरेलू ग्राहकों के लिए इस तरह की यह पहली ही ऐतिहासिक सहूलियत है। अगर प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली का उपयोग करने पर पुराने दर के अनुसार बिल करीब 875 रूपये आता था। नए दर कटौती तथा स्मार्ट मीटर के टीओडी सहूलियत के कारण यही बिजली अब केवल 784 रूपयों तक नीचे आ सकता है। यानी तकनीक का उपयोग कर राशि बचा सकते है। ऐसी जानकारी महावितरण ने दी है।

नया स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ग्राहक को एक भी राशि नहीं देनी पडेगी। यह मीटर 100 प्रश निशुल्क लगाएं जा रहे है। अचूक रीडिंग के कारण 'औसत' या 'अनुमानित बिल की परेशानी खत्म होनेवाली है। जितनी बिजली उपयोग की, उतना ही बिल आनेवाला है।

यह मीटर पूर्णरूप से पोस्टपेड है। वर्तमान के मासिक पद्धति के तरह ही ग्राहकों को बिल भरना है। महावितरण के 'एप' पर प्रति घंटे कितनी बिजली उपयोग हो रही है, इसकी जानकारी मिलेगी।

सौर ऊर्जा ग्राहकों के लिए 'वरदान'

'प्रधानमंत्री सूर्यघर निशुल्क बिजली योजना' अंतर्गत सौर ऊर्जा प्रकल्प लगानेवाले ग्राहकों के लिए यह मीटर काफी उपयोगी है। यह मीटर नेट-मीटरिंग का कार्य भी करता है। जिससे जिससे ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली तथा स्वयं उपयोग में लायी बिजली का अचूक हिसाब रखना भी सरल होगा।

तकनीक को स्वीकार करें

मीटर बदलना यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे पूर्व मैकेनिकल मीटर जाकर डिजिटल आए, और अब अधिक उन्नत 'स्मार्ट' मीटर आ रहे है। इसके लिए केंद्र सरकार के अनुदान से यह प्रकल्प चलाया जा रहा है। ग्राहक किसी भी अफवाओं पर विश्वास न रखे। स्मार्ट मीटर यह पारदर्शकता बढाने के लिए तथा बिजली बिल में सहूलियत देने के लिए ही लाया गया है। तकनीक को स्वीकार करे तथा अपना बिजली बिल कर करे, ऐसा आह्वान महावितरण ने किया है।

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