Rameshgudem Irrigation Project (फोटो-सोशल मीडिया)  
गढचिरोली

गड़चिरोली: मंत्रालय की फाइलों में 20 साल से धूल फांक रहा रमेशगुडेम सिंचाई प्रकल्प, आदिवासी किसान बेहाल

Gadchiroli Farmer Issues: सिरोंचा के रमेशगुडेम में इंद्रावती नदी पर लघु सिंचाई प्रकल्प का प्रस्ताव 20 वर्षों से मंत्रालय में लंबित है। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से दर्जनों गांवों के किसान बेहाल है।

रूपम सिंह

Tribal Area Development Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले की सिरोंचा तहसील से रमेशगुडेम गांव समीपस्थ बहने वाली इंद्रावती नदी पर लघु सिंचाई प्रकल्प का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को पेश किया गया था। लेकिन सरकारी अनदेखी के कारण पिछले 20 वर्षों से प्रस्ताव मंत्रालय की फाइल में धूल खा रहा है। इसी बीच उक्त प्रकल्प में कहां अटका, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

सिंचाई प्रकल्प पर अमल के अभाव में परिसर के किसान पिछले दो दशक से सिंचाई सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे है। वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सिरोंचा तहसील का समावेश किया गया था। वहीं स्थानीय किसान 2005-06 से इंद्रावती नदी में उपसा सिंचाई प्रकल्प निर्माण करने की मांग कर रहे है। लेकिन किसानों की इस मांग की ओर अनदेखी की जा रही है।

इस मामले को लेकर परिसर के किसानों में सरकार की नीति को लेकर तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है। सरकार ने पिछले 20 वर्षों से आदिवासी बहुल क्षेत्र की ओर निरंतर अनदेखी करने से रमेशगुडेम का लघु सिंचाई योजना का प्रस्ताव पर किसी भी तरह का निर्णय नहीं हो पाया है। वहीं उक्त प्रस्ताव मंत्रालय से भी गायब होने की स्थिति निर्माण हो रही है।

इन गांवों में पानी की भारी किल्लत

सिरोंचा तहसील के झिंगानुर, येडसीली, वडेली, मांगीगुडम, करजेली, रमेशगुडम, किष्टयापल्ली, कोरला, पुल्लीगुडम, पेंडलाई, सोमनपल्ली आदि गांवों की खेती नैसर्गिक बारिश पर निर्भर है। प्रति वर्ष ग्रीष्मकाल के दिनों में इस परिसर के जलस्तर में काफी हद तक कमी आती है। जिससे परिसर में पानी की भीषण किल्लत निर्माण होती है। वहीं इस अवधि में पानी के लिए नागरिकों को भटकने की नौबत आती है। साथ ही नदी, नालों के पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।

जनप्रतिनिधि कर रहे अनदेखी, लोगों में रोष

  • रमेशगुडेम लघु सिंचाई प्रकल्प शुरू करने की मांग को लेकर परिसर के नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का अनेक बार ध्यानाकर्षण कराया।
  • ऐसे में कुछ वर्ष पहले प्रस्ताव सरकार स्तर पर भिजवाया गया, लेकिन इसके बाद किसी भी तरह का प्रयास नहीं हो रहा है।
  • इस संदर्भ में स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों का ध्यानाकर्षण कराकर इंद्रावती नदी पर सिंचाई प्रकल्प निर्माण कराने की मांग की।
  • जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते प्रकल्प का प्रस्ताव धूल खा रहा है। जिससे नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

B Nagendra Resignation: कौन हैं बी नागेंद्र, डीके शिवकुमार कैबिनेट से क्यों दिया इस्तीफा; जानें सबकुछ

वाल्मीकि निगम घोटाले में घिरे B. Nagendra ने दिया इस्तीफा, बोले- दलित होने के कारण बनाया जा रहा निशाना

अरुणाचल प्रदेश में डोली धरती, कुरुंग कुमे में महसूस किए गए भूकंप के झटके; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग!

रक्षाबंधन पर PM मोदी का खास अंदाज, बच्चों के साथ की मस्ती; छोटी बच्ची से की ये खास फरमाइश- VIDEO

मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना है, अमित शाह ने क्यों कही ये बात? कोरोना काल का भी सुनाया बड़ा अनुभव