Operation Antim Prahar Arrest: गड़चिरोली जिले में नक्सलियों का सफाया हुआ है, वर्तमान में गड़चिरोली पुलिस के रिकॉर्ड में एक भी सक्रिय माओवादी शेष नहीं है। ऐसे में एटापल्ली तहसील के पिपली बुर्गी परिसर में नक्सली होने का का दिखाने के लिए नक्सलियों के नाम पर पर्चे व बैनर डालकर दशत निर्माण करनेवाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में छत्तीसगड़ राज्य के कांकेर जिले के पाखांजुर तहसील के तरूणनगर निवासी शिवा अनिल मिस्त्री (48) तथा एटापल्ली तहसील के वटेली निवासी रोहीत रंज्जीत मल्लीक (25) है। गड़चिरोली जिले का नक्सलवाद समाप्त हुआ है, वहीं गड़चिरोली पुलिस दल के रिकार्ड में एक भी नक्सली शेष नहीं है।
बिते कुछ वर्षों में गड़चिरोली पुलिस दल की ओर से निरंतर अभियान चलाकर "ऑपरेशन अंतिम प्रहार" के माध्यम से विशेष खोज मुहिम चलाकर गड़चिरोली जिले के नक्सलियों की दहशत समाप्त की गई।
इस बिच 12 जुलाई को कुछ अज्ञात व्यक्तींयों द्वारा एटापल्ली तहसील के पिपली बुर्गी पुलिस थाने के करीब 5 किमी दूरी पर जिजावंडी टोला की ओर जानेवाले टर्निंग के पूर्व बायी ओर होनेवाले गांव के दिशादर्शक फलक के निचे निचे होनेवाले लोहे के एंगल को एक लाल रंग के कपडे का बैनर तथा उसके निचे जमिन पर पत्थरों के निचे एक छोर पर पचें मिले थे। उक्त पर्चे व बैनर पर नागरिकों के मन में भय निर्माण करने के उद्देश से मजकूर लिखा गया था।
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पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आरोपियों की खोज करने के लिए मुहिम चलाई गई। उक्त जांच के दौरान तकनिकी सबुत व गुप्तचरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर छत्तीसगड राज्य में रहनेवाले शिवा अनिल मिस्त्री तथा एटापल्ली तहसील के वटेली निवासी रोहीत रज्जीत मल्लीक ने नागरिकों में दहशत निर्माण करने के उद्देश से नक्सली होने का दिखाकर उक्त पर्चे व बैनर लगाने की बात स्पष्ट हुई। गड़चिरोली पुलीस ने उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।