गढचिरोली

गड़चिरोली: सिंचाई कुओं का काम पूरा, अनुदान को भटकते किसान; कर्ज बोझ और सरकारी अनदेखी से बढ़ी नाराजगी

Gadchiroli News: गड़चिरोली में रोगायो के तहत निर्मित सिंचाई कुओं का अनुदान महीनों से लंबित। कर्ज लेकर काम पूरा करने वाले किसान अब वित्तीय संकट में, प्रशासन से तत्काल भुगतान की मांग

रूपम सिंह

Gadchiroli Mgnrega News: गड़चिरोली रोगायो अंतर्गत चलाए जाने वाले किसान हित की योजनाओं की ओर प्रशासन की अनदेखी होने से तीव्र नाराजगी किसान वर्ग द्वारा व्यक्त की जा रही है। सिंचाई के लिए काफी महत्वपूर्ण कुएं का कार्य पूर्ण होकर भी अनुदान नहीं मिलने से किसानों का वित्तीय गणित बिगड़ गया है।

कुएं का कार्य पूर्ण होने के बाद अनुदान मिलेगा, इस उम्मीद से अनेक किसानों ने कर्ज लेकर कुएं का कार्य पूर्ण किया। लेकिन किसानों को अनुदान के लिए काफी माह तक प्रतीक्षा करने की नौबत आ पड़ी है। जिससे सीधे किसानों की आय पर विपरित परिणाम हो रहा है। पहले ही खेती का बढ़ता खर्च और कर्ज से त्रस्त हुए किसानों को अब दोबारा साहुकार के द्वार पहुंचने की नौबत आ गई है।

समय पर अनुदान नहीं मिलने से किसानों को वित्तीय व मानसिक तनाव में जीवनयापन करना पड़ रहा है। सरकार तत्काल इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर प्रलंबित अनुदान वितरित करें, रोगायो अंतर्गत किसान योजना पर प्रभावी रूप से अमल करने की मांग किसान वर्ग द्वारा की जा रही है।

बॉक्स हेतुखर्च किए पैसे वापस मिलना मुश्किलसरकार द्वारा डीबीटी द्वारा मजदूरी सीधे मजदूरों के खाते में जमा करने के बाद कुछ मामले में मजदूर उक्त रकम लाभार्थी को वापस नहीं करने से नया विवाद निर्माण हो रहा है। लाभार्थी किसानों द्वारा किया गया खर्च वापस पाना उनके लिए मुश्किल होते दिखाई दे रही है। जिससे सरकार मजदूरी वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शक व समय पर हो, इसलिए ठोस उपाययोजना करने की मांग की जा रही है।

मजदूर, लाभार्थी दोनों संकट में रोगायो अंतर्गत किसान योजना पर अमल करते समय डीबीटी पद्धति से मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खाते में जमा करने का प्रावधान होने के बाद भी प्रत्यक्ष में मजदूरी मिलने में विलंब होने से मजदूर वर्ग अधिक गंभीर वित्तीय संकट में पड़ गया है। मजदूरों को मजदूरी के लिए और कितने दिन प्रतीक्षा करनी पड़ेगी ऐसा सवाल उपस्थित किया जा रहा है। काम पूर्ण करने के बाद भी मजदूरी के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ने से मजदूर और लाभार्थी दोनों संकट में पड़ गए है।

ज्ञापन बाद भी निर्णय नहींमुझे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना अंतर्गत 202425 वित्तीय वर्ष में सिंचाई कुआं मंजूर हुआ। जिसके अनुसार कुएं का निर्माण कार्य किया गया। लेकिन कुएं का इएनबी करने में संबंधित विभाग द्वारा आनाकानी की जा रही है। इस संदर्भ में जिप के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। बावजूद इसके कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। करीब 4 लाख रुपये कुएं के निर्माण कार्य के लिए मंजूर हुए। अब तक केवल 1 लाख 75 हजार रुपये मिले है। तहसील के अनेक गांवों में ऐसी ही मामले है।

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