Gadchiroli Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को महाराष्ट्र बंद का आहवान किया गया था। उक्त आहवान को गडचिरोली जिले में अच्छा प्रतिसाद मिला। गुरुवार को जिले के स्कूल, कॉलेज समेत व्यापार बंद रहा। वहीं गडचिरोली जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए गए। इस दौरान कई सामाजिक संगठनों, वंचित बहुजन आघाड़ी तथा अन्य राजनीतिक दलों द्वारा बंद को जिले में मिश्रित समर्थन मिला।
शहर में बंद को मिला अच्छा समर्थन गडचिरोली शहर में बंद को अच्छा समर्थन मिला। दोपहर तक अधिकांश बाजार बंद रहे। प्रदर्शन में वंचित बहुजन आघाड़ी के बालू टेंभुर्णे, प्रशांत देव्हारे, जी. के. बारसिंगे, आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज बंसोड आदि उपस्थित थे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि, आंदोलन के दौरान पुलिस प्रशासन ने बार-बार जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न किया। कुछ छात्र जब आंदोलन की जानकारी मीडिया तक पहुंचा रहे थे, तब संबंधित छात्रों को पुलिस अधिकारियों ने फोन कर उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इसके अलावा कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि, स्कूल में अवकाश घोषित होने के बाद वे अभिभावक के रूप में आंदोलन में शामिल हुए थे।
यहां किसी भी राजनीतिक दल का बैनर नहीं है। हमारे बच्चे भी दसवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ते हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि, पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की जाएगी तथा आंदोलन में शामिल नागरिकों को कथित रूप से धमकाने की घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की जाएगी।
आलापल्ली में बड़ी संख्या में नागरिक वीर बाबूराव शेडमाके चौक पर एकत्रित हुए और केंद्र सरकार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मुख्य मार्गों से रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रभारी उपविभागीय पुलिस अधिकारी संतोष बारगे को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन के दौरान नीट परीक्षा प्रकरण से मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आरमोरी में भी बंद को व्यापक समर्थन मिला। शहर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। यह आदोलन अमोल मारकवार, प्रज्ञा निमगड़े के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए विद्यार्थियों पर की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतीक रामटेके, संप्रति मेश्राम, स्वप्नील बंसोड, सिद्धांत मेश्राम, जगदीश मेश्राम, समाजसेवी जयकुमार मेश्राम, डॉ. प्रदीप खोब्रागडेर उपस्थित थे।
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वंचित बहुजन आघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड। बालासाहब आंबेडकर ने गुरूवार को महाराष्ट्र बंद का आवाहन किया था। जिसे देसाईगंज तहसीलवासियों ने भारी प्रतिसाद दिया। देसाईगंज में सामाजिक संगठन और वंचित बहुजन आघाडी के नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर विशाल मोर्चा निकाला गया। जिसके बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू आंदोलन को समर्थन देने की बात कह तानाशाह सरकार का निषेध करते हुए महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भिजवाया गया, इस समय राजरतन मेश्राम, भास्कर मेश्राम, विजय बन्सोड, हंसराज लांडगे, प्रा। अशोक मेश्राम उपस्थित हुए थे।
चामोशी तहसील का सबसे बड़े गांव के रूप में पहचाने जालेवाले येणापुर गांव के नागरिकों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ गांव का संपूर्ण व्यापार बंद रख निषेध किया है। इस समय ग्रामीणों ने शिक्षामंत्री धर्मेद्र प्रधान का इस्तिफा देने की मांग समेत छात्रों पर किये गये लाठीचार्ज मामले की जांच करने की मांग की है।