

Atul Limaye On Nashik Kumbh Mela Preparations: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक स्नान का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जनजागरण का प्रभावी माध्यम है। नासिक में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने आगामी कुंभ मेले को समाज की सक्रिय भागीदारी से अधिक सफल और प्रभावी बनाने का आह्वान किया। नासिक के भोसला मिलिटरी कॉलेज में आगामी कुंभ मेले को पर्यावरण अनुकूल, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक तथा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने वाला बनाने के उद्देश्य से एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय "कुंभ मेले में जनसहभागिता" रहा, जिस पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कुंभ मेले के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक, स्वास्थ्य, आर्थिक, शैक्षणिक, कला, विज्ञान, सांस्कृतिक और जनजातीय कल्याण से जुड़े विविध उपक्रमों की योजना पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समय के साथ कुंभ मेले की भूमिका और भी व्यापक हुई है तथा यह सामाजिक समरसता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
बैठक में प्रयागराज कुंभ मेले में सफल कार्यक्रम संचालित कर चुके कई प्रमुख संगठनों और संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पश्चिम क्षेत्र कार्यवाह बालासाहेब चौधरी ने भी मार्गदर्शन किया। जनजाति कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सक्षम, संस्कृत भारती, क्रीड़ा भारती, संस्कार भारती, धर्म संस्कृति संगम, भारत-तिब्बत सहयोग मंच और भटके विमुक्त प्रतिष्ठान सहित अनेक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कुंभ मेले की तैयारी और समन्वय को लेकर विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री तथा कुंभ समन्वयक रामेश्वर नाईक बैठक में उपस्थित रहे। वहीं कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के लिए पुलिस महानिरीक्षक संजय एनपुरे, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डी। एस। स्वामी, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की।