गड़चिरोली ग्रामसभा एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
गढचिरोली

Gadchiroli News: गड़चिरोली में ग्रामसभा के बोर्ड पर निजी कंपनी का लोगो, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

Gadchiroli Gram Sabha Protestगड़चिरोली के एटापल्ली तहसील के जवेली खुर्द में ग्रामसभा के बोर्ड पर निजी कंपनी का नाम और लोगो दिखाई देने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

आंचल लोखंडे

Gadchiroli Gram Sabha: एटापल्ली तहसील के जवेली खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत आयोजित ग्रामसभा के बोर्ड पर एक निजी कंपनी का नाम और लोगो दिखाई देने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामसभा के आधिकारिक बोर्ड पर ओम साइराम स्टील्स एंड एलॉय प्राइवेट लिमिटेड का लोगो और नाम क्यों इस्तेमाल किया गया, इसे लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। इस मामले में आपत्ति जताते हुए कुछ ग्रामीणों द्वारा ग्रामसभा का बहिष्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामसभा गांव के नागरिकों को स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने का लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराती है।

ऐसे में ग्रामसभा के बोर्ड पर किसी निजी कंपनी का नाम और लोगो दिखाई देने से ग्रामीणों ने प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, यह बोर्ड किसने तैयार किया? कंपनी का लोगो लगाने की अनुमति किसने दी? बोर्ड का खर्च किसने उठाया ? तथा ग्रामसभा के आधिकारिक बोर्ड पर कंपनी का लोगो लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? इन सवालों को लेकर अब चर्चा शुरू हो गई है।

भूमि अधिग्रहण की पृष्ठभूमि में सवाल और गंभीर

ग्रामीणों का कहना है कि, जवेली खुर्द क्षेत्र में संबंधित कंपनी से जुड़ी भूमि अधिग्रहण और खनिज उत्खनन से संबंधित प्रक्रियाएं चर्चा में हैं। ऐसे समय में ग्रामसभा के बोर्ड पर उसी कंपनी का लोगो दिखाई देने से ग्रामीणों की शंकाएं और बढ़ गई हैं। क्या ग्रामसभा के आयोजन में कंपनी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी? क्या ग्रामसभा की प्रक्रिया पर कंपनी का कोई प्रभाव था? इन सवालों पर ग्राम पंचायत प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ऐसी मांग ग्रामीणों की ओर से की जा रही है।

ग्रामसभा ग्राम पंचायत की है या कंपनी की ?

कंपनी के लोगों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का सवाल है कि, ग्रामसभा ग्राम पंचा कंपनी की? विशेष रूप से जब भूमि, खनिज उत्खनन और ग्रामसभा की सहमति जैसे संवेदनश हाँ, तब ग्रामसभा की प्रक्रिया स्वतंत्र, पारदर्शी और ग्रामीणों के विश्वास के अनुरूप होना ना आवश्यक है।

आपत्ति के बाद ग्रामीणों का बहिष्कार

बोर्ड पर कंपनी के लोगो सहित अन्य मुद्दों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी होने की बात सामने आई है। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने ग्रामसभा में शामिल नहीं होते हुए बहिष्कार का रुख अपनाया। ग्रामसभा के निर्णय ग्रामीणों की भागीदारी और विश्वास के वातावरण में होने अपेक्षित है। ऐसे में प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा होना प्रशासन के लिए गंभीर विषय माना जा रहा है।

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