डव्वा नंदी मंदिर 18 वर्षों से विकास निधि का इंतजार, ग्रामीणों में नाराजगी

Dawwa Nandi Temple: गोरेगांव तहसील के डव्वा गांव स्थित नंदी मंदिर पिछले 18 वर्षों से विकास निधि की कमी से जूझ रहा है। जल्द विकास कार्य और सौंदर्यीकरण के लिए निधि जारी करने की मांग की है।
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Dawwa Nandi Temple
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Goregaon Tehsil Temple Development: गोरेगांव तहसील के ग्राम डव्वा में स्थित नंदी मंदिर पिछले अनेक वर्षों से विकास निधि के लिए जूझ रहा है। यहां 18 वर्ष पूर्व इस मंदिर का निर्माण किया गया था। उसके बाद से अब तक इस मंदिर के विकास पर ब्रेक सा लगा हुआ है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस विषय पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा अनेक बार मांग करने पर भी मंदिर के विकास के लिए निधि उपलब्ध नहीं हो रही है। नंदी मंदिर डव्वा समिति की मांगों को हमेशा दरकिनार करने का काम किया जा रहा है।

प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त

गांव में स्थित नंदी के भक्तजनों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की जा रही है। इस बीच स्थानीय विधायक विजय रहांगडाले द्वारा मंदिर के विकास के लिए कुछ वर्ष पूर्व निधि उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक निधि उपलब्ध नहीं कराई गई। जानकारी के अनुसार, गोरेगांव तहसील में डव्वा ग्राम यह गोरेगांवतिरोड़ा विधानसभा क्षेत्र के गणखैरा/डव्वा पंचायत समिति क्षेत्र में है। इस गांव में नंदी मंदिर की कहानी इस क्षेत्र में काफी प्रख्यात है। यहां करीब 32 वर्ष पूर्व गांव में एक चमत्कारी नंदी हुआ करता था जो गांव वासियों के लिए काफी लाभदायक था।

विधायक का वादा निकला हवा

इस नंदी की मृत्यु 6 मार्च 2007 में हुई थी। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा नंदी के समाधि क्षेत्र में नंदी मंदिर का निर्माण किया गया था। आज भी इस नंदी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांव में भजन कीर्तन के साथ गांव भोजन का आयोजन मंदिर समिति द्वारा किया जाता है।

प्रभाग क्र। तीन में स्थित नंदी मंदिर के विकास पर फिर से अनदेखी की गई है, जो समझ के परे है। विधायक का वादा निकला हवा। विधायक विजय रहांगडाले ने दो वर्ष पूर्व डव्वा नंदी मंदिर के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक निधि का कोई पता नहीं है।

मांगों को किया जा रहा दरकिनार

मंदिर समिति अध्यक्ष मंगरू कोल्हे ने कहा कि यदि निधि उपलब्ध कराई जाती है तो बड़े पैमाने पर नंदी मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण हो सकता है। मांगों को किया जा रहा दरकिनार। पिछले 18 वर्षों से मंदिर के विकास पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मंदिर जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। जिससे तत्काल मरम्मत की सख्त आवश्यकता है।

लेकिन बारबार मांग करने पर भी हमारी मांगों को दरकिनार किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे में इस विषय को लेकर नंदी भक्तजनों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

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