कृषि केंद्र पर यूरिया लेने पहुंचे किसान व अधिकारी (फोटो नवभारत) 
गढचिरोली

266 का यूरिया 550 में...कालाबाजारी रोकने लगानी पड़ी पुलिस, शिकायत के बावजूद विभाग नहीं दे रहा ध्यान

Gadchiroli News: गड़चिरोली के धानोरा में किसानों से यूरिया की कालाबाजारी, 266 रुपये का बैग 500-550 में बेचा गया। कृषि विभाग की अनदेखी के बाद किसानों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

आकाश मसने

Gadchiroli Dhanora Urea Black Marketing: गड़चिरोली में किसानों को धान फसल की वृद्धि के लिये जरूरी यूरिया खाद के लिये भटकना पड़ रहा है। किसानों को यूरिया खाद की अधिक दाम में बिक्री होने की शिकायत तहसील कृषि कार्यालय में की गई। बावजूद इसके कृषि विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से आखिरकार किसान पुलिस थाने में पहुंचकर इस मामले की शिकायत की। जिसके बाद धानोरा पुलिस कृषि केंद्र में पहुंचकर पुलिस बंदोबस्त में खाद की बिक्री शुरू की।

6 सिंतबर को धानोरा शहर में यूरिया खाद उपलब्ध होने से किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए धानोरा के अक्षय कृषि केंद्रधारक ने 266 रूपये की एक बैग अधिक दाम में यानी 500 से 550 रूपये में बिक्री शुरू की। इस मामले की शिकायत किसानों ने प्रभारी तहसील कृषि अधिकारी पवन मडावी से मोबाइल पर की। लेकिन उन्होंने किसानों की शिकायत को गंभीरता से नहीं मिला।

आखिरकार किसान धानोरा पुलिस थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज की। पुलिस तत्काल कृषि केंद्र में पहुंची। जहां अधिक दाम में खाद की बिक्री शुरू होने की बात स्पष्ट हुई। पुलिस ने तत्काल तहसील कृषि अधिकारी मडावी से संपर्क कर यूरिया की एक बैग कितने रुपऐ बेचनी चाहिये, ऐसा सवाल पूछने पर उन्होंने 266 रुपए सरकारी दाम होने की बात कही।

लेकिन कृषि केंद्र चालक 500 से 5500 रूपये में खाद की बिक्री करते हुए दिखाई दिया। जिसके बाद पुलिस ने यूरिया खाद की मूल रकम छोड़ अधिक के पैसे किसानों को वापिस दिलाए। जिससे पुलिस विभाग के कार्य की सराहना की जा रही है।

तहसील कृषि विभाग गहरी नींद में

पिछले सप्ताह में धानोरा में यूरिया खाद की अधिक दाम में बिक्री होने के बाद भी कृषि विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से किसानों की लूटमार होने की शिकयत किसानों ने विधायक मिलिंद नरोटे से की थी। जहां विधायक ने सरकारी दाम में यानी 266 रूपये प्रति बैग यूरिया खाद की बिक्री करने की बात कृषि केंद्रधारक से कही थी।

वहीं अधिक दाम में खाद की बिक्री करने पर लाइसेंस रद्द करने निर्देश भी विधायक ने दिया था। बावजूद इसके एक सप्ताह भी नहीं बीता कि एक कृषि केंद्र धारक ने किसानों ने दोगुने पैसे लेकर खाद की बिक्री शुरू की। विधायक के निर्देश के बाद भी कृषि केंद्र चालक द्वारा किसानों की वित्तीय लूट होने से कृषि विभाग गहरी नींद में होने की बात कही जा रही है।

पुलिस की सहायता से वापिस मिले पैसे

किसानों की मजबूरी का लाभ उठाते हुए अक्षय कृषि केंद्र धानोरा में 266 रूपये की यूरिया बैग 500 से 550 रूपये में बिक्री करने की मामले की ओर तहसील कृषि अधिकारी का ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी तहसील कृषि अधिकारी मडावी ने इस मामले की ओर अनदेखी की। जिससे किसान धानोरा पुलिस के पास पहुंचे।

धानोरा के थानेदार अपनी टीम के साथ कृषि केंद्र पहुंचकर और मामले की जांच करने के बाद भी किसानों से लिये गये अतिरिक्त पैसे वापिस करने की सूचना कृषि केंद्र संचालक को दिया। जिससे किसानों को उने पैसे वापस मिले हैं।

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