गढ़चिरौली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन (सोर्स - फोटो नवभारत)  
गढचिरोली

गड़चिरोली: आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने विधायक कार्यालय पर किया प्रदर्शन, प्रलंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

AITUC Anganwadi Agitation: गडचिरोली में 'आयटक' के बैनर तले सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे के कार्यालय पर ग्रेच्युटी, पेंशन व सरकारी दर्जे की मांगों के लिए प्रदर्शन किया।

केतकी मोडक

Gadchiroli Anganwadi Workers Protest: आंगनवाड़ी कर्मचारियों की विभिन्न मांगे प्रलंबित है। उक्त मांगे विधानसभा के अधिवेशन में रखकर न्याय दिलाने की मांग को लेकर सैकडों की संख्या में आंगनवाडी कर्मचारियों ने शनिवार 20 जून को विधायक डा. मिलींद नरोटे के जनसंपर्क कार्यालय पर दस्तक दी। इस दौरान उनके कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए अपनी विभिन्न मांगो का ज्ञापन विधायक डा. नरोटे को सौंपा गया।

आगामी दिनों में विधानसभा का अधिवेशन होनेवाला है। जिससे क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर आंगनवाडी कर्मचारियों की विभिन्न मांगे अधिवेशन में रखकर आंगनवाडी कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंगनवाडी कर्मचारियों ने आयटक के बैनर तले गड़चिरोली विस क्षेत्र के विधायक डा. मिलींद नरोटे के गड़चिरोली में स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर मोर्चा निकालकर दस्तक दी।

ज्ञापन सौंपते समय आंगनवाडी संगठना के राज्य सचिव देवराव चवले, रोहिदास फुलझेले, जाहिद पठाण, राधा ठाकरे, मीनाक्षी झोडे, रसिका कुथे, कविता चन्ने, रेखा जांभुले, प्रमिला मने, अल्का लाऊटककर, रूपाली क्षीरसागर, अल्का कुनघाडकर, कल्पना भुरले, प्रतिभा वाढईद्व विनता जनबंधू, शिवलता बावनथडे, गजुला उसेंडी, रूपा पेंदाम, जोती कोल्हापुरे, लता सोयाम, कृतिमाला सरदारे, ज्योत्सना देशमुख ज्योती कोमलवार आदि उपस्थित थे।

इन मांगो का समावेश

विधायक को सौंपे गए ज्ञापन में विभिन्न मांगो का समावेश है। जिसमें आंगनवाडी कर्मचारियों को ग्रैच्युइटी लागू करने की मांग की गई है। ग्रेच्युइटी लगाने संदर्भ में आश्वासन देने के बावजूद अबतक सरकार ने निर्णय नहीं लिया है। जिसेस ग्रेच्युइटी लागू करें, आंगनवाडी कर्मचारियों को प्रतिमाह पेंशन देने की मांग की गई है।

आंगनवाडी कर्मचारियों को बिमारी में अवकाश मिलना आवश्यक है, ऐसा प्रस्ताव सरकार को भेजा है, आंगनवाडी कर्मी लाभार्थियों को बीमारी न हो इसलिए कार्य करती है, लेकिन आंगनवाडी सेविका तथा मदतनिस बिमार पड़ने पर उसे अवकाश नहीं मिलता है, उसका मानधन काटा जाता है। जिससे आंगनवाडी कर्मियों को बीमारी के अवकाश लागू करने की मांग की गई है।

सरकारी कर्मचारी का दें दर्जा

इस दौरान ज्ञापन में कहां है कि, गुजरात उच्च न्यायालय ने आंनगवाडी सेविका व मदतनीस यह सरकार के वैद्यकीय कर्मचरी है, इसलिए उन्हे सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना चाहिए, ऐसा निर्णय दिया है। तत्काल राज्य सरकार आंगनवाडी सेविका व मदतनीस को सरकारी सेवा में समावेश करने संदर्भ के नियम तैयार करने के आदेश केंद्र व राज्य सरकार को दिए है।

जिससे आंगनवाडी सेविका व मदतनीस को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा देने की मांग की गई है। आंगनवाडी पर्यवेक्षिका/मुख्य सेविका के रिक्त पद तत्काल भरे, आंगनवाडी कर्मीयों को प्रोत्साहन भत्ता न देते हुए सीधे मानधन में वर्ग करे ऐसी मांग भी ज्ञापन में की है।

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