Gadchiroli Child Suicide (प्रतीकात्मक तस्वीर) 
गढचिरोली

10 साल के बच्चे ने लगा ली फांसी, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में मचा हड़कंप, मामले की जांच में जुटी पुलिस

Gadchiroli Child Suicide: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में 10 साल के बच्चे ने फांसी लगाकर जान दे दी। माता-पिता की अनुपस्थिति में हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

अनिल सिंह

Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। आरमोरी तालुका के कोजबी गांव में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले मात्र दस साल के एक मासूम बच्चे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल मृतक के परिवार को बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मासूम की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया है और हर कोई इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि आखिर इतनी कम उम्र के बच्चे ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया।

मृतक बच्चे की पहचान संस्कार विनोद कन्नाके के रूप में हुई है। यह दुखद घटना रविवार शाम को घटित हुई। जानकारी के अनुसार, संस्कार के माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी करने के लिए पड़ोसी राज्य तेलंगाना गए हुए थे। इस वजह से संस्कार पिछले कुछ दिनों से घर में अकेला रह रहा था। रविवार को जब घर पर कोई मौजूद नहीं था, तब उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

अकेलेपन और मानसिक तनाव का संदेह

संस्कार की आत्महत्या के पीछे के सटीक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन ग्रामीणों और गढ़चिरोली पुलिस के बीच कई तरह के संदेह व्यक्त किए जा रहे हैं। प्राथमिक तौर पर यह माना जा रहा है कि माता-पिता की लंबे समय तक अनुपस्थिति के कारण बच्चा गहरे अकेलेपन का शिकार हो गया होगा। इसके अलावा, क्या स्कूल में उसे कोई परेशानी थी या घर की खराब आर्थिक स्थिति ने उसके कोमल मन पर कोई गहरा दबाव डाला था, इन सभी पहलुओं पर चर्चा हो रही है।

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम

घटना की सूचना मिलते ही आरमोरी पुलिस की टीम कोजबी गांव पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने फिलहाल 'आकस्मिक मृत्यु' (ADR) का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के तकनीकी पहलुओं की पुष्टि हो सकेगी। गांव वालों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

जांच के दायरे में कई अनसुलझे सवाल

आरमोरी पुलिस अब इस मामले की गहन जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बच्चे ने हाल के दिनों में किसी से कोई बात साझा की थी या उसके व्यवहार में कोई बदलाव आया था। डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में क्या बच्चा किसी बाहरी प्रभाव में था, इसकी भी संभावनाओं को नकारा नहीं जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वे हर उस कड़ी को जोड़ रहे हैं जिससे इस मासूम की मौत के पीछे का सच सामने आ सके। इस घटना ने बाल संरक्षण और मजदूरी के लिए पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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