Gadchiroli Land Acquisition: गड़चिरोली जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सरकार द्वारा चलाई जा रही है, लेकिन इसका किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इस दौरान किसानों ने महेंद्र ब्राम्हणवाडे के नेतृत्व में राज्यपाल की से मुलाकात कर उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखकर भूमि अधिग्रहण का आदेश रद्द करने की मांग की। गड़चिरोली जिले को स्टील हब बनाने के नाम पर सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू किए जाने से हजारों किसानों के भूमिहीन होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
किसानों का कहना है कि खेती की जमीन छिन जाने पर अनेक परिवारों के सामने आजीविका और भोजन का संकट खड़ा हो जाएगा। गड़चिरोली तहसील के हिरापुरगुरुवला क्षेत्र में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण का किसानों ने तीव्र विरोध किया है। इसके अलावा चामोर्शी तहसील के भेंडाला क्षेत्र के 14 गांवों में प्रस्तावित जेएसडब्ल्यू और एमआईडीसी प्रकल्प तथा जयरामपुर क्षेत्र के 13 गांवों में प्रस्तावित एमआईडीसी एवं लॉयड मेटल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का भी किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है।
किसानों की मांग है कि जिले में किसी भी एमआईडीसी, हवाई अड्डे या अन्य सरकारी परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाए। इस मांग को लेकर किसानों ने ज्ञापन, आंदोलन, मोर्चे और मुंडन आंदोलन जैसे विभिन्न माध्यमों से सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। रद्द हो आदेशइसी मुद्दे को लेकर विधायक अभिजीत वंजारी और विधायक रामदास मसराम की पहल पर महेंद्र ब्राम्हणवाडे के नेतृत्व में गड़चिरोली जिले के किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई स्थित लोकभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की और भूमि अधिग्रहण के आदेश रद्द करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि गड़चिरोली जिला पेसा क्षेत्र में आता है, जहां ग्राम सभाओं को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इसके बावजूद ग्राम सभाओं के विरोध के बावजूद किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जो पेसा कानून की भावना के विपरीत है। इस दौरान राज्यपाल के साथ भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।
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राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि जिले के किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और इस संबंध में सरकार एवं प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी, विधायक रामदास मसराम, महेंद्र ब्राह्मणवाडे, दिवाकर निसार, प्रमोद भगत, नेताजी गावतुरे, ढिवरू मेश्राम, विजय लाड, मारोती उमलवार, कालिदास पाल, श्रीरंग म्हशाखेत्री, लंकेश गेडाम, रवींद्र बोदलकर, तात्याजी चिचघरे उपस्थित थे।