महाराष्ट्र विधान परिषद: मानसून सत्र में टला उपसभापति का चुनाव, नीलम गोरहे की कुर्सी पर मंडरा रहा है खतरा?

Maharashtra Monsoon Session 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद का चुनाव मानसून सत्र में नहीं होगा। नीलम गोरहे की वापसी पर सस्पेंस के बीच सरकार विशेष सत्र में इस पर फैसला ले सकती है।
maharashtra legislative council deputy chairperson election postponed neelam gorhe
महाराष्ट्र विधानपरिषद (सोर्स: साेशल मीडिया)
Updated on

Maharashtra Legislative Council Deputy Chairperson Election: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी मानसून सत्र के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विधान परिषद के उपसभापति पद के चुनाव को लेकर फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मानसून सत्र में उपसभापति पद के लिए चुनाव नहीं कराए जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए चुनाव कराने के बजाय, सरकार ने एक दिवसीय विशेष सेशन बुलाकर फैसला लेने की रणनीति बनाई है। यह सीट शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के कोटे में आती है, और इसी को लेकर सत्ता के गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

नीलम गोऱ्हे का नाम फिर चर्चा में

उपसभापति पद के लिए एक बार फिर नीलम गोरहे का नाम सबसे आगे चल रहा है। हाल ही में उनका विधान परिषद का कार्यकाल समाप्त हुआ था, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, पार्टी के भीतर उनके नाम को लेकर एकमात्र सहमति नहीं है। जानकारी के अनुसार, नंदुरबार से विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी और बच्चू कडू के नामों पर भी इस पद के लिए विचार किया जा रहा है।

सियासी उथल-पुथल के बीच फंसा पेंच

राज्य में यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक और बड़ी टूट हुई है, जिसमें उनके छह सांसदों ने बगावत कर दी है।

दूसरी ओर, मानसून सत्र में विपक्ष पूरी तरह हमलावर नजर आ रहा है। विपक्षी दल किसानों की कर्ज माफी, खेती में हुए नुकसान, बारिश की कमी और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन्हीं तमाम समीकरणों और पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने फिलहाल चुनाव को टालकर विशेष सत्र के जरिए निर्णय लेने का रास्ता चुना है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नीलम गोरहे दोबारा इस पद पर कब्जा करने में सफल होती हैं या शिवसेना के कोटे से कोई नया चेहरा सामने आता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com