Tribal Student Association Gadchiroli: आदिवासी विद्यार्थी संघ विदर्भ नागपुर, जिला शाखा गड़चिरोली तथा ग्रामसभा महासंघ गड़चिरोली के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासी समाज की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया। आदिवासी विद्यार्थी संघ के सरसेनापति नंदू नरोटे के नेतृत्व में निकाला गया यह मोर्चा दोपहर में इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। इसके बाद मोर्चे के शिष्टमंडल ने जिला प्रशासन को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि गड़चिरोली जिले में आदिवासी एवं गैर-आदिवासी नागरिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आश्रमशालाओं की समस्याओं तथा विद्यार्थियों के अधिकारों के संबंध में जारी शासनादेश को लेकर आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके के इस्तीफे की मांग की गई है। साथ ही गोंड़वाना विश्वविद्यालय में भूपति की हुई नियुक्ति रद्द कर कुलगुरु को पद से हटाने की मांग भी की गई है।
साथ ही गोंड़वाना विश्वविद्यालय में भूपति की हुई नियुक्ति रद्द कर कुलगुरु को पद से हटाने की मांग भी की गई है। आदिवासी एवं पारंपरिक वननिवासियों के वनाधिकार दावों का तत्काल निपटारा कर उनकी जमीनों का सर्वेक्षण करने तथा पात्र लाभार्थियों को वनाधिकार पट्टे देने की मांग की गई।
इसके अलावा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा जिला परिषद के अधूरे सड़क एवं निर्माण कार्य तत्काल पूर्ण करने, आदिवासी विकास विभाग में अधिकारियों की नियुक्ति करने, धनगर समाज को आदिवासी आरक्षण देने संबंधी प्रस्ताव रद्द करने तथा वन विभाग में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई।
आश्रमस्कूलों की करें नियमित जांच आश्रमशालाओं में गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध कराने, आश्रमशालाओं की नियमित जांच करने, एकलव्य एवं केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने, विद्यार्थियों के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने वाले शासनादेश को रद्द करने तथा छात्रावासों में पूर्ववत भोजन व्यवस्था शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
इसके साथ ही जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोककर पुराने मीटर कायम रखने, भारी वाहनों से होने वाले रेत परिवहन पर रोक लगाने तथा बेरोजगार युवाओं के लिए वन आधारित उद्योग स्थापित करने की मांग की गई। मोर्चे में आदिवासी समाज के लोगों के साथ ग्रामसभा प्रतिनिधि, विद्यार्थी, युवा, महिलाएं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।