Gadchiroli Gram Panchayat Corruption: गड़चिरोली पंचायत समिति के अंतर्गत आनेवाली टेंभा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए प्राप्त सरकारी निधि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत द्वारा टेंभा जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालय को विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए छत्रपति सेना के संस्थापक अध्यक्ष अरविंद कात्रटवार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधीश कार्यालय पर दस्तक दी। वहीं इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और सरकारी राशि की वसूली करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, टेंभा ग्राम पंचायत ने जिला परिषद स्कूल को कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी, सीसीटीवी कैमरे तथा आरओ जैसी सामग्री उपलब्ध कराने का रिकॉर्ड दर्शाया है। हालांकि, स्कूल प्रशासन से प्राप्त लिखित जानकारी के अनुसार, उक्त सामग्री ग्राम पंचायत के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्रामस्थों का आरोप है कि बिना सामग्री की खरीदी अथवा आपूर्ति किए ही इन वस्तुओं की खरीदी दर्शाकर सरकारी निधि का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर की खरीदी स्वयं स्कूल द्वारा की गई है।
लैपटॉप की आपूर्ति क्यूरियन सर्विस, मुंबई की ओर से की गई है, जबकि प्रोजेक्टर एलएलएफ के अंतर्गत प्राप्त हुआ है। स्मार्ट टीवी डा. उमेश पी. समर्थ द्वारा स्कूल को भेंट किया गया है। इसी तरह सीसीटीवी कैमरे मोहन के। ठाकरे द्वारा दिए गए हैं। विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ की व्यवस्था एलएलएफ-सी (एनपीसीआई) के अंतर्गत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि, इन वस्तुओं को ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराया गया दर्शाकर शासकीय निधि में अनियमितता की गई है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने तथा संबंधितों से सरकारी राशि की वसूली करने की मांग की गई है।
ग्रामस्थों ने चेतावनी दी है कि, यदि एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो छत्रपति सेना के नेतृत्व में टेंभा के सैकड़ों नागरिक जिला परिषद कार्यालय के समक्ष जनआंदोलन करेंगे। आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला परिषद प्रशासन की होगी, ऐसा निवेदन में कहा गया है।
इस अवसर पर कमलाकर पिठाले, हिराजी ठाकरे, गणेश वाघमारे, भारत नैताम, प्रफुल्ल डोईजड, चरण मुंघाटे, वेणुदास धारणे, रुपेश ठाकरे, शुभम अंबादे, प्रवीण गेडाम, योगीराज समर्थ, तुलाराम नैताम, लुमाजी मुंघाटे, देविदास कुमरे, लोकेश नैताम, पंकज नैताम, लंकेश राऊत, साहिल भोयर, रघुनाथ ठाकरे, राहुल ठाकरे, जगदीश मुंघाटे, दशरथ नारन्नवरे, पुरुषोत्तम गंडाटे, विष्णुदास कारमेंगे, समर कस्तुरे, सोहम उईके, ओम पेंदाम, वेदांत कस्तुरे, गजानन ठाकरे, चंद्रकांत कोलते और आशिष मुनघाटे समेत अन्य नागरिक उपस्थित थे।
इस मामले को लेकर ग्रामीणे ने 7 सितंबर 2026 को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा पंचायत समिति के संवर्ग विकास अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, शिकायत के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई जांच अथवा कार्रवाई नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। इससे मामले को राजनीतिक दबाव अथवा प्रशासनिक स्तर पर दबाने का प्रयास किए जाने की आशंका भी ग्रामीणों ने व्यक्त की है।