

Gadchiroli Public Movement: गडचिरोली जिले के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और आम जनता परेशान है। राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं गड़चिरोली जिले के पालकमंत्री होने के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं होना बेहद गंभीर मामला है। यह आरोप अखिल भारतीय रिपब्लिकन पार्टी ने लगाया है।
पार्टी की बैठक में कार्यकर्ताओं ने सरकार-प्रशासन के प्रति तीव्र नाराजगी व्यक्त की। स्थानीय चांदेकर भवन में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
साथ ही शासन एवं प्रशासन से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की गई। रिपब्लिकन पार्टी के जिलाध्यक्ष हंसराज उंदिवारवाडे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष रोहिदास राऊत, प्रदेश उपाध्यक्ष प्राचार्य प्रकाश दुधे, प्रदेश सचिव प्रा. राजन बोरकर, महिला आघाड़ी की वरिष्ठ नेता सुरेखाताई बारसागड़े, विधानसभा प्रभारी प्रदीप भैसारे, शहर अध्यक्ष अनिल बारसागड़े, महिला आघाड़ी जिलाध्यक्ष नीता सहारे, कार्यालय सचिव अशोक खोब्रागड़े तथा युवा आघाड़ी जिलाध्यक्ष नरेंद्र रायपुरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक में महिला एवं बाल अस्पताल में हुई माताओं एवं बच्चों की मौत, बेहतर सड़क सुविधा के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिलने से जपतलाई आश्रमशाला की तीन छात्राओं की मौत, कोठी-कोरनार पुल ढहने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने, महामंडल की पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों एवं यात्रियों को हो रही परेशानी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके अलावा किसानों को पिछले सीजन का बोनस अब तक नहीं मिलने, ग्रामीण क्षेत्रों में पांदण रास्तों का खड़ीकरण नहीं होने, जंगली हाथियों एवं बाघों के बढ़ते आतंक से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान, गड़चिरोली शहर की आंतरिक सड़कों की खराब स्थिति तथा स्वच्छता के अभाव सहित कई समस्याओं को बैठक में उठाया गया। इन समस्याओं को लेकर जल्द ही जनआंदोलन खड़ा करने का निर्णय बैठक में लिया गया।