गड़चिरोली में समय से पहले बंद मिला जिप स्कूल सोर्स: सोशल मीडिया
गड़चिरोली

समय से पहले गड़चिरोली ZP में स्कूल को लगाया ताला; स्कूल में लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, जांच की मांग

Gadchiroli ZP School Negligence: गड़चिरोली के साल्हे गांव में जिप स्कूल शाम 5 बजे के बजाय 4.27 बजे ही बंद मिला। ग्रामीणों ने शिक्षकों की उपस्थिति और स्कूल बंद करने के समय की जांच की मांग की।

मनीषा बोंदरे

Gadchiroli School Closed Before Time Parents Protest: गड़चिरोली के कोरची तहसील के साल्हे गांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में निर्धारित समय से पहले ताला लगा मिला।

सोमवार को शाम 4.27 बजे स्कूल बंद पाए जाने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षकों के समय से पहले स्कूल छोड़ने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

समय से पहले स्कूल को लगाया ताला, ग्रामीणों में रोष

गड़चिरोली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और निर्धारित समय तक स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की जिला परिषद स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला मामला कोरची तहसील के साल्हे गांव में सामने आया है। यहां निर्धारित समय समाप्त होने से पहले ही स्कूल के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला।

शाम 5 बजे तक है स्कूल का समय

साल्हे गांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल का निर्धारित समय शाम 5 बजे तक बताया गया है। हालांकि, सोमवार को शाम 4 बजकर 27 मिनट पर ही स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा हुआ दिखाई दिया। स्कूल समय समाप्त होने से करीब 33 मिनट पहले ही स्कूल बंद पाए जाने से अभिभावकों और ग्रामीणों में रोष है।

तस्वीर से उठे कई सवाल

स्कूल के बंद दरवाजे की सामने आई तस्वीर में जीपीएस मैप कैमरे के माध्यम से स्थान और 21 सितंबर 2026 को शाम 4.27 बजे का समय दर्ज होने की बात कही गई है। निर्धारित समय से पहले स्कूल बंद पाए जाने के बाद विद्यार्थियों को मिलने वाले शैक्षणिक समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत शिक्षक निर्धारित समय से पहले ही स्कूल से चले गए होंगे। हालांकि, शिक्षक और विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति तथा स्कूल बंद किए जाने के समय में कोई अंतर था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की मांग

अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। उन्होंने संबंधित शिक्षकों का हाजिरी रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड और विद्यार्थियों की उपस्थिति जांचने की मांग की है। साथ ही 21 सितंबर को शिक्षक वास्तव में स्कूल से कितने बजे निकले और स्कूल किस समय बंद किया गया, इसकी भी जांच करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

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