गढ़चिरौली कासनसुर ज़िला परिषद स्कूल (फोटो नवभारत)
गड़चिरोली

70 से ज्यादा छात्रों के लिए सिर्फ 2 शिक्षक, गड़चिरोली में ग्रामीणों ने कसनसूर जिप स्कूल में जड़ा ताला

Gadchiroli Kasansur ZP School: गड़चिरोली के कसनसूर गांव में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति और कमी से नाराज ग्रामीणों ने जिला परिषद स्कूल में ताला जड़ दिया। प्रशासन ने बुधवार को दो शिक्षक भेजे।

आलोक उमाकृष्ण

Kasansur ZP School Teachers Absence: गड़चिरोली जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के छात्रों को दर्जेदार शिक्षा मिले, इसलिये जिला परिषद द्वारा जिले के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में जिला परिषद स्कूल का निर्माण किया गया है।

लेकिन इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षक नियमित रूप से स्कूलों में उपस्थित नहीं रहने के कारण जिला परिषद के स्कूलों में शिक्षारत छात्रों का शैक्षणिक नुकसान होने के अनेक मामले जिले में सामने आए है। ऐसा ही एक मामला जिले की एटापल्ली तहसील अंतर्गत आने वाले कसनसूर गांव की जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल में सामने आया है।

शिकायत पर भी नहीं होती कार्यवाई

इस स्कूल में कार्यरत शिक्षक नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित नहीं रहने के कारण छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा था। इस संदर्भ में शाला प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने अनेक बार शिक्षा विभाग द्वारा ध्यानाकर्षण कराया। बावजूद इसके वरिष्ठ स्तर से किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला परिषद स्कूल को ही ताला जड दिया।

इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बुधवार को उक्त स्कूल में दो शिक्षक भिजवाने की जानकारी मिली है। इस ताला ठोको आंदोलन में पूर्व पंस सभापति बबिता मडावी, शाला प्रबंधन समिति उपाध्यक्ष माधुरी बोलमपल्लीवार, अंजली वेलदा, शंकर गावडे, मीना मडावी, मधुकर मडावी, कविता मडावी समेत ग्रामीण उपस्थित थे।

7 कक्षाओं के लिये 2 शिक्षक

कसनसूर गांव की जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा पहली से लेकर सांतवी तक शिक्षा की सुविधा होकर इस स्कूल में 70 से अधिक छात्र शिक्षा ले रहे है। लेकिन सात कक्षाओं के 70 छात्रों को पढाने के लिये केवल दो शिकायत कार्यरत होकर इनमें एक ठेका तत्व पर कार्यरत है।

ऐसे स्थिति में भी शिक्षक नियमित उपस्थित नहीं रहने के कारण छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। विशेषतः स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढाने की मांग निरंतर करने के बाद भी संबंधित विभाग इस ओर अनदेखी कर रहा है।

स्कूल में देरी से पहुंचते हैं शिक्षक

गड़चिरोली के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहां कि, छात्रों का उज्वल भविष्य निर्माण करने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है। लेकिन इस जिप स्कूल कार्यरत शिक्षक स्कूल समय पर न पहुंचते हुए विलंब से पहुंचने के कारण छात्रों को काफी देर तक शिक्षकों की प्रतिक्षा करनी पड़ती है।

जिससे छात्रों का शैक्षणिक नुकसान होने के साथ ही उनकी सुरक्षा का प्रश्न निर्माण हो गया है। जिससे इस स्कूल में नियमित शिक्षक देने की मांग ग्रामीणों ने की है।

अन्यथा दोबारा जड़ा जाएगा ताला

शाला प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष माधुरी बोलमपल्लीवार ने कहा है कि इस स्कूल में कार्यरत दो शिक्षकों पर कक्षा पहली से सातवी तक के छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। लेकिन शिक्षक अनियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहने के कारण शिक्षा लेने वाले छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।

शिक्षक नियमित उपस्थित रहे और इस मामले की और वरिष्ठ अधिकारी गंभीरता से ध्यान दे, इसलिये स्कूल को ताला ठोको आंदोलन किया गया। यदि दोबारा शिक्षक वर्ग अनियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहेंगे तो दोबारा स्कूल को ताला जड़ा जाएगा।

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