Probe Against Vijay Wadettiwar: गडचिरोली जिले के धानोरा तालुका स्थित जपतलाई आश्रमशाला के छात्रावास में सर्पदंश से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के मामले में भाजपा के पूर्व महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट धर्मपाल मेश्राम ने कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
धर्मपाल मेश्राम ने कहा कि जपतलाई आश्रमशाला मामले में फरार बताए जा रहे आरोपी विश्वजीत कोवासे को यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति या अन्य व्यक्ति द्वारा जानबूझकर आश्रय दिए जाने के ठोस प्रमाण जांच में सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए और किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान को कार्रवाई के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।
इस मामले में आश्रम शाला संस्था के सचिव और कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वजीत कोवासे सहित संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। कोवासे के फरार होने के बीच उनके विजय वडेट्टीवार के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद होने का दावा किया गया है।
धर्मपाल मेश्राम ने पुलिस से विश्वजीत कोवासे की कथित मौजूदगी से जुड़े दावे की तत्काल सत्यता जांचने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि फरार आरोपी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आया था, तो पुलिस को उपलब्ध तस्वीरों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित कार्यक्रम में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर यह भी पता लगाने की मांग की कि वह पुलिस की कार्रवाई से बचकर वहां तक कैसे पहुंचा और उसे किसने संरक्षण दिया।
मेश्राम ने कहा कि तीन छात्राओं की मौत के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा आरोपी को जानबूझकर आश्रय देने की बात जांच और साक्ष्यों से सामने आती है, तो उसकी राजनीतिक पहचान देखे बिना कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने गड़चिरोली जिले में हुए इस मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।