

Mumbai Goa Highway 17 Year Delay Cost Rises: गोवा को मुंबई से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-66 के चार लेन विस्तार को केंद्र सरकार से मंजूरी मिले 17 साल बीत चुके हैं, लेकिन परियोजना अभी भी पूरी नहीं हो सकी है। जबकि इसकी लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
निर्माण कार्य में हो रही देरी का खामियाजा कोकण के साथ-साथ मुंबई एमएमआर में रहनेवाले कोकण क्षेत्र के लाखों निवासियों को भी भुगतना पड़ रहा है।
'द यंग व्हिसलब्लोअर्स फाउंडेशन' से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र में 355 किमी लंबे हाईवे के 10 पैकेजों का मूल बजट ₹11,409.14 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹16,909.22 करोड़ हो गया है।
चिपलूण-रत्नागिरी के परशुराम घाट-अरावली पैकेज में सबसे ज्यादा 126% की वृद्धि हुई है, जिसकी लागत ₹983 करोड़ से बढ़कर ₹2,226 करोड़ पहुंच गई है। अब तक मूल बजट से अधिक ₹11,577 करोड़ खर्च होने के बावजूद हाईवे का बड़ा हिस्सा अधूरा है।
सड़क का निर्माण अलग-अलग एजेंसियों के बीच बंटा होना इस देरी की मुख्य वजह माना जा रहा है। पनवेल-इंदापुर खंड का निर्माण एनएचएआई कर रहा है, जबकि शेष हिस्सा राज्य पीडब्ल्यूडी के अधीन है।
जवाबदेही तय न होने के कारण आम जनता को हादसों, ट्रैफिक जाम और 7 घंटे के सफर को 12 घंटे में तय करने जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी तुलना में 701 किमी लंबा समृद्धी महामार्ग महज सात वर्षों में बनकर तैयार हो गया, लेकिन यह हाईवे 15 वर्षों से अटका हुआ है।
इस हाईवे के निर्माण से मुंबई और एमएमआर में बड़ी संख्या में रहने वाले कोंकण के लोग सालभर रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग आते-जाते हैं। गणेशोत्सव के दौरान यह आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है।
मौजूदा अधूरे हिस्सों में गड्ढों, संकरे मार्गों और अधूरे पुलों के कारण सफर लंबा होता है। पूरा चार लेन मार्ग बनने से यातायात की क्षमता बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुगम तथा सुरक्षित हो सकती है। मुंबई से गोवा जाने वाले यात्रियों को भी लगातार बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
इससे बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन स्थलों, कृषि उपज और मछली कारोबार को मुंबई जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। मुंबई-गोवा संपर्क मजबूत होने से महाराष्ट्र और गोवा के बीच यात्री तथा माल परिवहन भी अधिक सुगम होगा। इससे कोंकण में आर्थिक गतिविधियों और निवेश के लिए बेहतर संपर्क आधार तैयार हो सकता है।
मुंबई-गोवा हाईवे की देरी ऐसे समय में सामने आई है, जब महाराष्ट्र राज्य में 701 किमी लंबा समृद्धि महामार्ग करीब सात साल में तैयार किया गया। इसके मुकाबले मौजूदा मुंबई-गोवा मार्ग के चौड़ीकरण में लंबा समय लगा है। आरटीआई से सामने आई बढ़ी लागत ने परियोजना की समयसीमा और जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
जितेंद्र घाडगे ने परियोजना में देरी और बढ़ती लागत के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग एजेंसियों में बंटने का असर यात्रियों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि परियोजना में हुई देरी से उन्हें शर्मिंदगी है। उन्होंने बताया कि हाईवे का करीब 93 से 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गडकरी ने अक्टूबर में मुंबई से गोवा तक सड़क मार्ग से यात्रा कर पूरे मार्ग का निरीक्षण करने की बात कही है। उन्होंने ठेकेदारों की विफलता पर कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।