गडचिरोली खाद लिंकिंग (सोर्सः सोशल मीडिया)
गड़चिरोली

Gadchiroli News: खाद के साथ अन्य कृषि सामग्री लेने का दबाव बनाया तो होगी कार्रवाई, गडचिरोली कृषि विभाग सख्त

Gadchiroli Fertilizer Linking: गडचिरोली में किसानों को खाद के साथ अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करने पर कार्रवाई होगी। कृषि विभाग ने लिंकिंग की शिकायत करने की अपील की है।

आंचल लोखंडे

Gadchiroli Agriculture Department: किसानों को उनके खेत तक उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं कृषि निविष्ठाएं उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा नियमित नियंत्रण एवं निरीक्षण किया जा रहा है। किसी भी किसान को उसकी आवश्यकता से अधिक अन्य खाद या कृषि निविष्ठाएं खरीदने के लिए बाध्य करने की अनुमति नहीं है, यह स्पष्ट किया गया है।

रासायनिक खाद की खरीद के साथ अन्य कृषि निविष्ठाएं लेने के लिए किसानों पर कथित रूप से दबाव डाले जाने संबंधी खबरों की पृष्ठभूमि में जिला परिषद के कृषि विकास अधिकारी किरण खोमणे ने कृषि विभाग की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया है। जिलाधिकारी तथा जिलास्तरीय कृषि निविष्ठा निगरानी समिति के अध्यक्ष के स्तर पर जिले में खाद की आपूर्ति की नियमित समीक्षा की जाती है। कृषि विकास अधिकारी द्वारा तहसीलवार खाद आपूर्ति का नियोजन किया जाता है तथा उपलब्धता के अनुसार तहसीलों को खाद की आपूर्ति की जाती है। खाद कंपनियों को मंजूर नियोजन के अनुसार आपूर्ति करने के निर्देश समय-समय पर दिए गए हैं।

स्पष्ट निर्देश जारी

साथ ही खाद की अनधिकृत लिंकिंग न करने के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, जिले के लिए यूरिया का 21 हजार 500 मीट्रिक टन आवंटन किया गया है, जबकि अब तक जिले में 22 हजार 400 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो चुका है। इसलिए जिले में यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने का दावा कृषि विभाग ने किया है। किसी भी खाद उत्पादक कंपनी अथवा विक्रेता द्वारा किसानों को उनकी आवश्यकता नहीं होने के बावजूद अन्य कृषि निविष्ठाएं खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए, ऐसी स्पष्ट सूचना संबंधितों को दी गई है।

लिंकिंग और अधिक दर पर बिक्री पर नियंत्रण

जिले में खाद की लिंकिंग तथा अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए तहसील एवं जिला स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक कार्यरत हैं। सभी तहसीलों में शिकायत निवारण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इन माध्यमों से कृषि सेवा केंद्रों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। यदि किसी खाद कंपनी, थोक विक्रेता अथवा कृषि सेवा केंद्र संचालक द्वारा किसानों या विक्रेताओं को खाद के साथ अन्य कृषि निविष्ठाएं खरीदने के लिए बाध्य किए जाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित मामले की जांच की जाएगी। दोष पाए जाने पर खाद नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत संबंधितों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है।

शिकायत के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करें

किसानों अथवा कृषि सेवा केंद्र संचालकों पर किसी भी प्रकार की लिंकिंग के लिए दबाव डाला जा रहा हो या खाद की अधिक कीमत पर बिक्री की जा रही हो, तो संबंधित तहसील कृषि अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, जिला परिषद अथवा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने का आहवान कृषि विभाग ने किया है। कृषि विभाग द्वारा जिले में खाद की उपलब्धता एवं बिक्री व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। किसानों अथवा विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरती जा रही है, ऐसा भी विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है।

अरुणाचल में चीनी सैनिकों से टकराव पर सियासत तेज, खरगे बोले- संसद में जवाब दें PM मोदी

लंबी उम्र जिएं अमित शाह ताकि अपने गलत कर्मों की... तुषार गांधी ने गृह मंत्री को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

MLC Election 2026 LIVE: चार राज्यों की 28 सीटों पर मतदान खत्म, कब आएंगे नतीजे?

भारत के शौर्य कमांडो कौन हैं? जो अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों का कर रहे सामना

अरुणाचल में तंबू लगा रही चीन की सेना, ITBP और PLA आमने-सामने; चीन को जवाब कैसे देगा भारत?