इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स एसोसिएशन महाराष्ट्र  (सोर्स: सोशल मीडिया)
महाराष्ट्र

डॉक्टरों की सुरक्षा पर एक्शन मोड में एसोसिएशन; हिंसा रोकने के लिए 2010 का कड़ा कानून लागू करने की अपील

AYUSH Doctors Recruitment: इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा, अलग मतदारसंघ, स्वतंत्र आयुष मंत्रालय और आयुष चिकित्सको की भर्ती समेत 5 प्रमुख मांगों की अपील की है।

मनीषा बोंदरे

Doctors Association Demands Maharashtra Government: महाराष्ट्र में डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 'इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स एसोसिएशन' ने राज्य सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।

संगठन ने डॉक्टरों की सुरक्षा से लेकर आयुष चिकित्सकों की सीधी भर्ती और राज्य में एक स्वतंत्र आयुष मंत्रालय की स्थापना तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार से ठोस और त्वरित निर्णय लेने की अपील की हैं।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सख्त कानून की मांग

डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन ने डॉक्टरों की सुरक्षा, आयुष चिकित्सकों की भर्ती, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आयुष व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस और आधिकारिक निर्णय लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण बेहद जरूरी है।

मेडिकेयर कानून को प्रभावी बनाने पर जोर

डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों पर होने वाले हमले, गाली-गलौज और हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए संगठन ने महाराष्ट्र राज्य मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस कानून, 2010 को कड़ाई से लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही महामारी रोग कानून में वर्ष 2020 में किए गए बदलावों को भी प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया है। संगठन के मुताबिक, कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन होने से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है।

डॉक्टरों के लिए अलग मतदारसंघ की मांग

इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स एसोसिएशन ने शिक्षक मतदारसंघ की तर्ज पर डॉक्टरों के लिए स्वतंत्र मतदारसंघ बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि डॉक्टरों को विधान परिषद में सीधे प्रतिनिधित्व मिलने से स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा। डॉक्टरों की सुरक्षा, भर्ती, पदोन्नति और स्वास्थ्य नीतियों जैसे विषयों पर भी उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंच सकेगी।

AYUSH Doctors को प्रमाणपत्रों की मान्यता

संगठन ने आयुष डॉक्टरों द्वारा जारी किए जाने वाले चिकित्सा तंदुरुस्ती प्रमाणपत्रों को सरकारी और निजी कार्यालयों, स्कूलों तथा संबंधित संस्थानों में मान्यता देने की मांग की है। इसके अलावा महाराष्ट्र में स्वतंत्र आयुष मंत्रालय की स्थापना को लेकर सरकार से लिखित और आधिकारिक निर्णय लेने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि आयुष चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के लिए स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी है।

आयुष डॉक्टरों की भर्ती बढ़ाने की मांग

संगठन ने राज्य के सरकारी और स्थानीय निकायों के अस्पतालों में जरूरत के अनुसार बड़ी संख्या में आयुष डॉक्टरों की भर्ती करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, इससे अस्पतालों में चिकित्सकीय मैनपावर बढ़ेगा और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। बीएचएमएस-सीसीएमपी डॉक्टरों की पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी को संगठन ने सकारात्मक कदम बताया है।

सरकार से ठोस फैसले की उम्मीद

संगठन ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की सुरक्षा और आयुष चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार से लगातार संवाद और प्रयास जारी रहेंगे। एसोसिएशन का मानना है कि डॉक्टरों को बेहतर सुरक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से ठोस निर्णय जरूरी हैं।

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